रेडक्रॉस अपनाओ जीवन सँवारो

हेनरी डयूनेंट में मानवीय संवेदना जागी
रेडक्रॉस की परोपकारी विश्व रक्षा आई

सत्ता, स्वर्ग, पुनर्जन्म की न थी कामना
मानवता की सेवा थी एकमात्र भावना

आपदा और पीड़ा में होगा त्वरित बचाव
भोजन एवं सुरक्षा है हमारा प्रथम सुझाव

राष्ट्रीयता, धर्म, श्रेणी में कोई विभेद नहीं
निष्पक्षता और तटस्थता है पहचान हमारी

कानून का सम्मान और स्वतंत्र कार्य करते
आपात स्थिति में तुरन्त उचित निर्णय लेते

सार्वभौमिकता दुखों को रोककर दूर करते
स्वयंसेवा को बढ़ावा, निरन्तर सदस्य जोड़ते

सफेद पट्टी में लाल 'धन' चिह्न मेरी पहचान
मुझे लाकर मानव जीवन का करें कल्याण

रचयिता
उमेश जोशी,
सहायक अध्यापक,
रा0 आ0 जू0 हा0 उड़खुली,
विकास खण्ड-गरुड़,
जनपद-बागेश्वर,
उत्तराखण्ड।

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