शिक्षक निष्ठा

निष्ठा से हम सबको अपना कर्म निभाना है,
गुणवत्ता लाकर के बच्चों का भविष्य सँवारना है।
सबसे पहले बच्चों को पढ़ना है,
बच्चों को पढ़ करके एक योजना बनानी है।
स्वस्थ वातावरण बना करके
सुगमकर्ता की भूमिका निभानी है।
निष्ठा से---------
 कक्षा में नई -नई विधियाँ अपनाकर
शिक्षण प्रभावी व गतिविधि आधारित बनाकर
बच्चों के दृष्टिकोण और भावनाओं को,
संवाद, कहानी व कविताएँ सुनाकर
सोच को सकारात्मक बनाना है।
 विषय वस्तु को रुचिकर बनाना है,
खेल, तर्क, चिंतन -मनन प्रश्नों को डालना है।
सुनना-समझना और प्रतिक्रिया देने के लिर
शिक्षार्थी को तैयार करना है।
स्वस्थ प्रतियोगिताएँ करानी हैं।
निष्ठा से -----
 विषय वस्तु देने से पहले सोचना है,
एक विषय से दूसरे विषय को जोड़ना है।
समावेशीकरण करके गुणवत्ता लानी है,
 लर्निंग आउटकम निकाल कर के,
समग्र विकास करना है।
निष्ठा से हम सबको अपना कर्म निभाना है,
गुणवत्ता लाकर के बच्चों का भविष्य सँवारना है ।
               
रचयिता
शालिनी सोलंकी,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय गड़राना,
विकास क्षेत्र-धनीपुर,
जनपद--अलीगढ़।

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