शिक्षित, सशक्त, जागरुक
हर बालिका, हर महिला को शिक्षित, सशक्त व जागरुक बनाने का संकल्प लिया है मेरे मन ने।
रचयिता
नीलम कुमारी,
प्रधानध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय मिश्रापुर,
विकास क्षेत्र-खैराबाद,
जनपद-सीतापुर।
आज हम अपने आस-पास नजर डालें तो पाएँगे कि बालिकाएँ पढ़-लिखकर आगे नए-नए मुकामों पर पहुँच रही हैं लेकिन अभी भी हम लक्ष्य को प्राप्त करने में बहुत पीछे हैं।उसका मुख्य कारण है --हमारी सोच जेंडर असंवेदनशीलता, पूर्वाग्रह आदि। जब तक हम अपनी सोच नहीं बदलेंगे तब तक हमारे व्यवहार हमारी आदत में यह सम्मिलित नहीं हो पायेगा कि लड़कियाँ भी अपनी विशेष योग्यता लेकर जन्म लेती हैं।हमारे 2011 के जनगणना के आँकड़े बताते हैं कि जिन जिलों में साक्षरता दर अधिक है वहाँ लिंगानुपात कम है, यह बहुत ही हास्यास्पद स्थिति है। हम जितना ही शिक्षित होते जा रहे हैं, हमारी सोच अभी भी समाज के दकियानूसी विचारों के जाल में फँसी हुई है।
प्रत्येक बच्चा चाहे वह बालक हो या बालिका अपनी विशेष क्षमताओं के साथ पैदा होते हैं और जैसे-जैसे वह बड़े होते हैं, हम सभी उनको पुरुष व महिला के पूर्व से तय किए गए सामाजिक ढाँचों में फिट करने लगते हैं। जाने अनजाने ऐसे अवांछित सन्देश उनको देने लगते हैं जिससे असमानता की खाई गहरी होती जाती है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हम सभी यह संकल्प अवश्य लें कि हम प्रत्येक बालिका, महिला का सम्मान करें, उन्हें सशक्त व जागरूक बनाएँ। कन्या भ्रूण हत्या, अशिक्षा, घरेलू हिंसा व दहेज प्रथा आदि बुराइयों को अपने समाज से हटाएँ जिससे सभी को अपने विकास के सही अवसर प्राप्त हो सकें।
एक शिक्षिका होने के नाते मैं इस अभियान के प्रति कृत संकल्पित हूँ कि मैं हर बालिका, हर महिला को शिक्षा के माध्यम सशक्त व जागरूक बनाती रहूँगी
वर्तमान समय में 'निष्ठा' कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ब्लॉक में शिक्षक -शिक्षकाओं का प्रशिक्षण चल रहा है। स्टेट रिसोर्स पर्सन के रूप में मैं यह सन्देश उन शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी पहुँचा रही हूँ ताकि हमारे सभी विद्यालय भी लिंग असमानता से परे हों व हमारी सोच में बदलाव हो और एक दिन ऐसा आए कि हमें यह लगे कि बालिका का जन्म लेकर कोई अपराध नहीं किया है और बालिका को भी पढ़ने-लिखने, अपनी पसंद का कार्यक्षेत्र चुनने व भयरहित वातावरण में रहने का अधिकार है।
माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में माह जुलाई-2019 में 'कवच'अभियान चलाया गया जिसमें हमारी टीम ने जिलाधिकारी महोदय सीतापुर के निर्देशन में यह अभियान गाँव-गाँव जाकर चलाया। जब तक प्रत्येक ग्रामीण अभिभावक, बालक, बालिका, स्त्री, पुरुष तक यह बात नहीं पहुँचे तब तक हमें सफलता प्राप्त नहीं होगी।
अतः ऐसे अभियानों में निरन्तरता अति आवश्यक है।
नीलम कुमारी,
प्रधानध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय मिश्रापुर,
विकास क्षेत्र-खैराबाद,
जनपद-सीतापुर।

अच्छा संकल्प,अच्छा लेख।आपका संकल्प पूर्ण हो ऐसी कामना करता हूँ।
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