भिटौल और मायका
जब खेतों की मेढ़ों में,
गलियों में और रस्तों पर,
नन्हीं फ्योंली मुस्काती है,
मायके की याद दिलाती है।
जब घुघुत पेड़ की डालों से,
गीत चैत्र के गाते है,
कानों में घुल से जाते हैं,
मायके की याद दिलाते है।
फ्योंली, बुराँस, सिलपाडी और
ढेरों फूलों की रंगोली से,
जब फुलारी द्वार सजाते हैं,
बचपन की याद दिलाते हैं।
जब बसंत संग में अपने,
चैत्र मास को लाता है,
मन को बड़ा लुभाता है,
भिटौली की याद दिलाता है।
माँ के दुलार में लिपटे हुए,
जब अरसे कोई लाता है,
प्यार भरी उनकी मिठास फिर,
माँ की याद दिलाती है।
जब खीर, मिठाई वस्त्रों से,
और भिन्न-भिन्न फल-फूलों से,
झोली भर कोई जाता है,
मायके की याद दिलाते हैं।
मन अक्सर उड़कर मेरा भी,
मायके पहुँच ही जाता है,
उस देहरी, आँगन और मुंडेर की,
ढेरों यादें लाता है।
भिटौली रस्म बड़ी अद्भुत है,
बेटी अभिन्न यह बतलाती,
बेटी दूर नहीं मन में हो,
उसके हक को यह जतलाती।
पाकर भिटौली बेटी खुद को,
गर्वित बहुत ही पाती है,
बाँट सभी को मिला कलेऊ,
मन ही मन हर्षाती है।
रचयिता
पूनम दानू पुंडीर,
सहायक अध्यापक,
रा०प्रा०वि० गुडम स्टेट,
संकुल-तलवाड़ी,
विकास खण्ड-थराली,
जनपद-चमोली,
उत्तराखण्ड।
गलियों में और रस्तों पर,
नन्हीं फ्योंली मुस्काती है,
मायके की याद दिलाती है।
जब घुघुत पेड़ की डालों से,
गीत चैत्र के गाते है,
कानों में घुल से जाते हैं,
मायके की याद दिलाते है।
फ्योंली, बुराँस, सिलपाडी और
ढेरों फूलों की रंगोली से,
जब फुलारी द्वार सजाते हैं,
बचपन की याद दिलाते हैं।
जब बसंत संग में अपने,
चैत्र मास को लाता है,
मन को बड़ा लुभाता है,
भिटौली की याद दिलाता है।
माँ के दुलार में लिपटे हुए,
जब अरसे कोई लाता है,
प्यार भरी उनकी मिठास फिर,
माँ की याद दिलाती है।
जब खीर, मिठाई वस्त्रों से,
और भिन्न-भिन्न फल-फूलों से,
झोली भर कोई जाता है,
मायके की याद दिलाते हैं।
मन अक्सर उड़कर मेरा भी,
मायके पहुँच ही जाता है,
उस देहरी, आँगन और मुंडेर की,
ढेरों यादें लाता है।
भिटौली रस्म बड़ी अद्भुत है,
बेटी अभिन्न यह बतलाती,
बेटी दूर नहीं मन में हो,
उसके हक को यह जतलाती।
पाकर भिटौली बेटी खुद को,
गर्वित बहुत ही पाती है,
बाँट सभी को मिला कलेऊ,
मन ही मन हर्षाती है।
रचयिता
पूनम दानू पुंडीर,
सहायक अध्यापक,
रा०प्रा०वि० गुडम स्टेट,
संकुल-तलवाड़ी,
विकास खण्ड-थराली,
जनपद-चमोली,
उत्तराखण्ड।

Brilliant
ReplyDeleteThanx
Deleteबहुत सुन्दर 👌👌👌👌ससुराल में रहने वालों को भी मायके का एहसास करा दिया ।
ReplyDeleteकोटि कोटि आभार।
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