जल है तो कल है
जल बिन सम्भव नहीं है जीवन
जल से ही तो बना है जीवन
जल से ही सारी सृष्टि उपजी
जल पर ही तो निर्भर सबका जीवन
जल चक्र रहेगा यदि नियमित
तब ही हर जीवन रहेगा सुरक्षित
जल है तो है सब जंगल उपवन
जल पर ही निर्भर हम सबका जीवन
जल का संयमित करें प्रयोग
आवश्यकता पर ही करें उपयोग
जल स्रोतों को करें न दूषित
नदियाँ न हों कभी प्रदूषित
वर्षा पर है खेती निर्भर
और इससे बहते झरने झर-झर
यूँ तो पृथ्वी पर बहुत जल है
पर पीने लायक बहुत कम है
जल की महत्ता हमने जानी
इसे बचाने की है अब ठानी
जीजान लगाकर इसे बचाएँगे
हर वर्ष मार्च 22 को जल दिवस मनाएँगे।
रचयिता
अंजली मिश्रा,
सहायक शिक्षिका,
प्राथमिक विद्यालय टिकरा,
विकास खण्ड-देवमई,
जनपद-फतेहपुर।
जल से ही तो बना है जीवन
जल से ही सारी सृष्टि उपजी
जल पर ही तो निर्भर सबका जीवन
जल चक्र रहेगा यदि नियमित
तब ही हर जीवन रहेगा सुरक्षित
जल है तो है सब जंगल उपवन
जल पर ही निर्भर हम सबका जीवन
जल का संयमित करें प्रयोग
आवश्यकता पर ही करें उपयोग
जल स्रोतों को करें न दूषित
नदियाँ न हों कभी प्रदूषित
वर्षा पर है खेती निर्भर
और इससे बहते झरने झर-झर
यूँ तो पृथ्वी पर बहुत जल है
पर पीने लायक बहुत कम है
जल की महत्ता हमने जानी
इसे बचाने की है अब ठानी
जीजान लगाकर इसे बचाएँगे
हर वर्ष मार्च 22 को जल दिवस मनाएँगे।
रचयिता
अंजली मिश्रा,
सहायक शिक्षिका,
प्राथमिक विद्यालय टिकरा,
विकास खण्ड-देवमई,
जनपद-फतेहपुर।

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