मैं अमन चाहता हूँ

हे ईश्वर!
मैं अमन चाहता हूँ
दे दो शांति और भाईचारा हमें
आस्था के सागर में
हमारा भारत डूबा है,
फिर क्यों अशांति फैली है?
हे ईश्वर!
मैं अमन चाहता हूँ
दे दो शांति और भाईचारा हमें
सम्पूर्ण विश्व-पटल में
हमारी संस्कृति गौरवान्वित है,
फिर क्यों मन विचलित है?
हे ईश्वर!
मैं अमन चाहता हूँ
दे दो शांति और भाईचारा हमें
हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख और ईसाई
जहाँ सदियों से भाई-भाई है,
फिर क्यों एक-दूसरे में लड़ाई है?
हे ईश्वर!
मैं अमन चाहता हूँ
दे दो शांति और भाईचारा हमें
हमारे शरीर में एक ही रक्त और
प्रकृति में एक ही हवा बहते हैं
फिर क्यों पर्यावरण दूषित है?
हे ईश्वर!
मैं अमन चाहता हूँ
दे दो शांति और भाईचारा हमें
ईर्ष्या, द्वेष और वैमत्य क्षीण हो,
हे आराध्यदेव! विनती है तुझसे
भारत में अमन, शांति व भाईचारा भर दे।

रचयिता
चैतन्य कुमार,
सहायक शिक्षक,
मध्य विद्यालय तीरा,
ग्राम+पत्रालय:- तीरा खारदह,
प्रखण्ड:- सिकटी,
भाया:- कुर्साकाँटा,
जिला:- अररिया,
राज्य:- बिहार।

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