कसौटी कोरोना की

ऐसा इक शंखनाद है करना,
मिटे जिससे वैश्विक दैत्य कोरोना।

COVID-19 वायरस है कारण,
सावधानी ही है बस साधन,
कसौटी जिंदगी की जो है बना,
आओ मिलकर मिटाएँ कोरोना।

पूरे विश्व में संकट है छाया,
जाने कहाँ से राक्षस है आया,
नामोनिशान इसका मिटा देना,
आओ मिलकर मिटाएँ कोरोना।

अधिकाधिक घर पर रहो तुम,
दूर से प्रणाम करो तुम,
साबुन, सैनेटाइजर, मास्क रुमाल का प्रयोग करना,
आओ मिलकर मिटाएँ कोरोना।

सरकार ने किया अनूठा प्रयास,
22 मार्च सुबह 7 से रात 9 जनता कर्फ्यू की अरदास,
नागरिक जिम्मेदारी है निभाना,
आओ मिलकर मिटाएँ कोरोना।

पूरे देश को एक साथ सैनेटाइज है
करना,
भूलकर भी कोई भूल न करना
सरकार का साथ हम सब को है देना,
आओ मिलकर मिटाएँ कोरोना।

काली मिर्च, तुलसी, लौंग, अदरक हैं रक्षक,
शाकाहार अपनाओ ना बनो जंतु भक्षक,
मानवता के अंगीकार बनो ना,
आओ मिलकर मिटाएँ कोरोना।

ऐसा इक शंखनाद है करना,
मिटे जिससे वैश्विक दैत्य कोरोना।

रचयिता
सुमन पांडेय,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय टिकरी मनौटी,
शिक्षा क्षेत्र -खजुहा,
जनपद-फतेहपुर।


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