एक कोशिश ज़रूरी है

हालातों से हार मानने से पहले
एक कोशिश ज़रूरी है
नाकामियों से डर लगता है बहुत
लेकिन इन छोटी - छोटी नाकामियों से
रूबरू होना ज़रूरी है।

क्षमता, जिजीविषा  कराते हैं
एहसास सफलता का
अनुभवों  को याद कर
बिन पंख परवाज़ ज़रूरी है।

नई शुरुआत, दूसरे मौके
मिलते हैं कई बार ज़िंदगी में
नज़रिये में लाकर बदलाव
फिर एक कोशिश ज़रूरी है।

माना नाकामियों ने परेशां किया बहुत
झुके नहीं हम, रुके नहीं हम
हर पल बढ़े क़दम
ज़िंदगी के लिए हर सबक ज़रूरी है।

हिम्मत हारना कहाँ तक ठीक है
पीठ दिखाना कायरता का प्रतीक है
आज हालातों से हारना नहीं
आशा की एक किरण ज़रूरी है
एक कोशिश ज़रूरी है।

रचनाकार
रुखसाना बानो,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय अहरौरा,
विकास खण्ड-जमालपुर,
जनपद-मीरजापुर।

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