विश्व जल दिवस

जल अमूल्य है जीवन में,
यूँ ही न इसे बरबाद करो।
जिस दिन पानी नहीं मिला
उस दिन को जरा याद करो।

सहज-सरल यह मिलता अभी
प्रकृति का धन्यवाद करो।
ऐसा दिन न आने देना कि
इसके लिए फरियाद करो।

बूँद-बूँद कीमत समझो
यथा जरूरत पात्र भरो।
वर्षा का जल व्यर्थ बहे न
जन-जागरण की बात करो।

भू-जल संरक्षण की योजना
घर-घर में आबाद करो।
प्रथम कार्य है "जल संरक्षण"
दूजा इसके बाद करो।

आने वाली हर पीढ़ी को
स्वच्छ जल उपहार करो।
जल बिन त्राहिमाम हो जाए
ऐसे न लापरवाह बनो।

उठा शपथ अब लक्ष्य साधना जल के पहरेदार बनो।

रचयिता
पुष्पा पटेल,
प्रधानध्यापक, 
प्राथमिक विद्यालय संग्रामपुर,
विकास क्षेत्र-चित्रकूट,
जनपद-चित्रकूट।


Comments

Total Pageviews