सौहार्द और प्रेम की पतंग
जब भगवान विष्णु ने किया असुरों का नाश
जब भीष्म पितामह ने किया देह त्याग
जब भगवान सूर्य चले पुत्र शनि के पास
जब भागीरथ ले चले गंगा बुझाने को पूर्वजों की प्यास
तब तिल गुड़ लड्डू की हो मिठास
हो पिता - पुत्र संबंधों का विकास
पर्यावरण में तब दिव्य चैतन्य प्रकाश
प्रकृति की आराधना का तब कर प्रयास
तब इस जग की बुराइयों का हो विनाश
तब जन का हो जन पर विश्वास
सबके जीवन में तब छाए हर्ष उल्लास
पूरी हो मानव की तब हर एक आस
उत्तरायण मनाए तब राजस्थान और गुजरात
केरल में भी पोंगल मनाए सब साथ - साथ
लोहड़ी में तब नाचे सब पंजाब के जाट
संक्रांति मनाए तब पूरा देश एक साथ
जब सब मिल उड़ाएँ प्रेम की पतंग
किसान भी नाचे जब परिवार के संग
झूमे जब इस धरा का अंग - अंग
तब हम सब मनाएँ खिचड़ी संग - संग
चारों ओर फैल जाए प्रकाश, अन्धकार का हो विनाश
भाईचारे का कर विकास, प्रेम से मिल जाएँ सब साथ।।
रचयिता
अर्चना अरोड़ा,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय बरेठर खुर्द,
विकास खण्ड-खजुहा,
जनपद-फ़तेहपुर।
जब भीष्म पितामह ने किया देह त्याग
जब भगवान सूर्य चले पुत्र शनि के पास
जब भागीरथ ले चले गंगा बुझाने को पूर्वजों की प्यास
तब तिल गुड़ लड्डू की हो मिठास
हो पिता - पुत्र संबंधों का विकास
पर्यावरण में तब दिव्य चैतन्य प्रकाश
प्रकृति की आराधना का तब कर प्रयास
तब इस जग की बुराइयों का हो विनाश
तब जन का हो जन पर विश्वास
सबके जीवन में तब छाए हर्ष उल्लास
पूरी हो मानव की तब हर एक आस
उत्तरायण मनाए तब राजस्थान और गुजरात
केरल में भी पोंगल मनाए सब साथ - साथ
लोहड़ी में तब नाचे सब पंजाब के जाट
संक्रांति मनाए तब पूरा देश एक साथ
जब सब मिल उड़ाएँ प्रेम की पतंग
किसान भी नाचे जब परिवार के संग
झूमे जब इस धरा का अंग - अंग
तब हम सब मनाएँ खिचड़ी संग - संग
चारों ओर फैल जाए प्रकाश, अन्धकार का हो विनाश
भाईचारे का कर विकास, प्रेम से मिल जाएँ सब साथ।।
रचयिता
अर्चना अरोड़ा,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय बरेठर खुर्द,
विकास खण्ड-खजुहा,
जनपद-फ़तेहपुर।

Adorable 👍👌
ReplyDeleteGreat 🔥
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