भारत के वीर सपूतों
वो भारत देश की सेना है, वो भारत देश के सैनिक हैं,
वो देश का गौरव बढ़ाते हैं, वो देश की शान बढ़ाते हैं,
उनके खून का कतरा जो देश की रक्षा करता है,
उनके बल- कौशल के दम पर हम देश में ध्वज फहराते हैं,
हम घर पर बैठे रहते हैं, वो सीमा मर मिटते हैं,
वो भारत देश की सेना है, वो भारत देश के सैनिक हैं।।
दुनिया के नक़्शे में हम हैं, ना किसी चीज़ में पीछे हैं,
वो आगे-आगे चलते हैं, इसलिए आज हम हुकूमत करते हैं,
पूरी दुनिया के दिल में, एकता संस्कृति बुनते हैं,
सलाम है उनको हर भारतवासी का, जो देश में जान लुटाते हैं,
अपने घर-परिवार को छोड़कर, सरहद पर सिर झुकाते हैं।
वो भारत देश की सेना है, वो भारत देश के सैनिक हैं।।
रचयिता
निर्मला सिंह,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय छीछा,
विकास खण्ड-खजुहा,
जनपद-फतेहपुर।
वो देश का गौरव बढ़ाते हैं, वो देश की शान बढ़ाते हैं,
उनके खून का कतरा जो देश की रक्षा करता है,
उनके बल- कौशल के दम पर हम देश में ध्वज फहराते हैं,
हम घर पर बैठे रहते हैं, वो सीमा मर मिटते हैं,
वो भारत देश की सेना है, वो भारत देश के सैनिक हैं।।
दुनिया के नक़्शे में हम हैं, ना किसी चीज़ में पीछे हैं,
वो आगे-आगे चलते हैं, इसलिए आज हम हुकूमत करते हैं,
पूरी दुनिया के दिल में, एकता संस्कृति बुनते हैं,
सलाम है उनको हर भारतवासी का, जो देश में जान लुटाते हैं,
अपने घर-परिवार को छोड़कर, सरहद पर सिर झुकाते हैं।
वो भारत देश की सेना है, वो भारत देश के सैनिक हैं।।
रचयिता
निर्मला सिंह,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय छीछा,
विकास खण्ड-खजुहा,
जनपद-फतेहपुर।

Comments
Post a Comment