स्वामी विवेकानन्द
भारतवर्ष का मान बढ़ाने
हुए अवतरित अनेकों ख़ज़ाने
विश्व में सम्मान बढ़ाने का सपना
सर्वस्व निछावर कर दिया अपना
नरेन्द्र नामक बालक का आवन
ले जन्म किया इस धरा को पावन
अल्पायु से ही था कुशाग्रता का धन
तेजवान था उनका तन और मन
माँ भुवनेश्वरी, पिता विश्वनाथ दत्त
बचपन में इन्हें नाम मिला नरेन्द्र दत्त
12 जनवरी 1893 इनका जन्मदिवस
जिसे हम सब मनाते राष्ट्रीय युवा दिवस
अमेरिका जाकर विश्वधर्म सभा में लिया स्थान
प्यारे अमेरिकी भाई-बहन से जीत सबका मन
उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक न रुको का दिया सन्देश
विवेकानन्द के मार्गदर्शन पर चले हमारा भारत देश।।
रचयिता
अंजली मिश्रा,
सहायक शिक्षिका,
प्राथमिक विद्यालय टिकरा,
विकास खण्ड-देवमई,
जनपद-फतेहपुर।
हुए अवतरित अनेकों ख़ज़ाने
विश्व में सम्मान बढ़ाने का सपना
सर्वस्व निछावर कर दिया अपना
नरेन्द्र नामक बालक का आवन
ले जन्म किया इस धरा को पावन
अल्पायु से ही था कुशाग्रता का धन
तेजवान था उनका तन और मन
माँ भुवनेश्वरी, पिता विश्वनाथ दत्त
बचपन में इन्हें नाम मिला नरेन्द्र दत्त
12 जनवरी 1893 इनका जन्मदिवस
जिसे हम सब मनाते राष्ट्रीय युवा दिवस
अमेरिका जाकर विश्वधर्म सभा में लिया स्थान
प्यारे अमेरिकी भाई-बहन से जीत सबका मन
उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक न रुको का दिया सन्देश
विवेकानन्द के मार्गदर्शन पर चले हमारा भारत देश।।
रचयिता
अंजली मिश्रा,
सहायक शिक्षिका,
प्राथमिक विद्यालय टिकरा,
विकास खण्ड-देवमई,
जनपद-फतेहपुर।

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