सावित्री बाई फुले जी
आओ उस महिला को नमन करें,
भारत की पहली शिक्षिका को नमन करें।
लड़कियों के लिए पहला स्कूल दिया,
170 साल पहले ऐसा था हुआ।।
3 जनवरी 1831 को जन्म हुआ,
महिलाओं के कल्याण को हुआ।
कर्मठ समाज सेविका की पहचान,
मराठी कविताएँ भी बनी पहचान।।
नौ वर्ष में ही विवाह हुआ,
ज्योतिबा फुले से हुआ।
पति समाज सुधारक, लेखक थे,
सम्पादक और दार्शनिक भी थे।।
ज्योतिबा फुले ने सावित्री बाई फुले को पढ़ाया,
पहली शिक्षिका होने का गौरव पाया।
लड़कियों की दयनीय स्थिति का सुधार,
पुरानी रीतियों को तोड़ शिक्षा का उदगार।।
1848 में लड़कियों का विद्यालय खुला,
भारत का पहला स्त्री विद्यालय बना।
ऐसी महान शिक्षिका को नमन करें,
महिलाओं के लिए जो जीवन अर्पण करें।
रचयिता
रीना सैनी,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय गिदहा,
विकास खण्ड-सदर,
जनपद -महाराजगंज।
भारत की पहली शिक्षिका को नमन करें।
लड़कियों के लिए पहला स्कूल दिया,
170 साल पहले ऐसा था हुआ।।
3 जनवरी 1831 को जन्म हुआ,
महिलाओं के कल्याण को हुआ।
कर्मठ समाज सेविका की पहचान,
मराठी कविताएँ भी बनी पहचान।।
नौ वर्ष में ही विवाह हुआ,
ज्योतिबा फुले से हुआ।
पति समाज सुधारक, लेखक थे,
सम्पादक और दार्शनिक भी थे।।
ज्योतिबा फुले ने सावित्री बाई फुले को पढ़ाया,
पहली शिक्षिका होने का गौरव पाया।
लड़कियों की दयनीय स्थिति का सुधार,
पुरानी रीतियों को तोड़ शिक्षा का उदगार।।
1848 में लड़कियों का विद्यालय खुला,
भारत का पहला स्त्री विद्यालय बना।
ऐसी महान शिक्षिका को नमन करें,
महिलाओं के लिए जो जीवन अर्पण करें।
रचयिता
रीना सैनी,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय गिदहा,
विकास खण्ड-सदर,
जनपद -महाराजगंज।

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