मिशन कार्यशाला
“मिशन शिक्षण संवाद" से
शिक्षा में नवाचार है आया,
विमल जी के आह्वान पर,
मेहता जी ने आगे बढ़ाया।
उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड में,
लाकर शैक्षिक प्रचार किया।
तेरह जनपदों में जाकर,
समूह का विस्तार किया।
तीन जनवरी दो हजार बीस में
डायट सभागार जगमगाया,
बागेश्वर की पावन धरती ने,
शिक्षण ने चार चाँद लगाया।
टीम बागेश्वर के आतिथ्य ने,
सबका का दिल जीत लिया।
बालदेवों ने गाकर, शिक्षकों
का आदर सत्कार किया।
बागेश्वर का इतिहास बताकर
इक बेटी ने साबित किया,
शिक्षकों की गुणवत्ता का,
बिना कुछ कहे बखान किया।
अपने अनुभव प्रदर्शित कर,
शिक्षण, नवाचार साझा किया
उपस्थित सभी शिक्षकों ने,
शिक्षा को नया आयाम दिया।
सम्मान समारोह ने शिक्षकों को
विशेष प्रोत्सहित किया गया,
“अनमोल शिक्षक रत्न,"व।
उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार दिया।
तीन नदियों के संगम पर,
ज्ञान का वृहद समागम हुआ।
परस्पर शिक्षण संवाद से,
शिक्षा में नव जागरण किया।
निश्चित ही वह शुभ दिन भी,
जरूर इक दिन आएगा।
मिशन शिक्षण संवाद से अब
हर विद्यालय हर्षायेगा।
रचयिता
हरि शंकर जोशी,
राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय थान डंगोली,
विकास क्षेत्र-गरुड़,
जनपद-बागेश्वर,
उत्तराखण्ड।
शिक्षा में नवाचार है आया,
विमल जी के आह्वान पर,
मेहता जी ने आगे बढ़ाया।
उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड में,
लाकर शैक्षिक प्रचार किया।
तेरह जनपदों में जाकर,
समूह का विस्तार किया।
तीन जनवरी दो हजार बीस में
डायट सभागार जगमगाया,
बागेश्वर की पावन धरती ने,
शिक्षण ने चार चाँद लगाया।
टीम बागेश्वर के आतिथ्य ने,
सबका का दिल जीत लिया।
बालदेवों ने गाकर, शिक्षकों
का आदर सत्कार किया।
बागेश्वर का इतिहास बताकर
इक बेटी ने साबित किया,
शिक्षकों की गुणवत्ता का,
बिना कुछ कहे बखान किया।
अपने अनुभव प्रदर्शित कर,
शिक्षण, नवाचार साझा किया
उपस्थित सभी शिक्षकों ने,
शिक्षा को नया आयाम दिया।
सम्मान समारोह ने शिक्षकों को
विशेष प्रोत्सहित किया गया,
“अनमोल शिक्षक रत्न,"व।
उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार दिया।
तीन नदियों के संगम पर,
ज्ञान का वृहद समागम हुआ।
परस्पर शिक्षण संवाद से,
शिक्षा में नव जागरण किया।
निश्चित ही वह शुभ दिन भी,
जरूर इक दिन आएगा।
मिशन शिक्षण संवाद से अब
हर विद्यालय हर्षायेगा।
रचयिता
हरि शंकर जोशी,
राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय थान डंगोली,
विकास क्षेत्र-गरुड़,
जनपद-बागेश्वर,
उत्तराखण्ड।

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