युग परिवर्तक फिर आओ
जन-जन की है माँग धरा पर,
युग परिवर्तक फिर आओ।।
आओ पुनः युवाओं में,
नरेंद्र नाथ बनकर आओ।।
अल्पायु में ज्ञान दिया जो,
फिर से उसे सुना जाओ।।
विश्व धर्म परिषद में आकर,
फिर पहचान बना जाओ।।
आज वही पहचान बनाना,
युवा शक्ति को सिखलाओ।।
भारत माँ की इच्छा है,
फिर विश्व पटल पर छा जाओ।।
त्याग तपस्या ब्रह्मचर्य का,
फिर से भाव जगा जाओ।।
भारत भूमि को पावन कर,
फिर से स्वर्ग बना जाओ।।
जन जन की है माँग धरा पर,
युग परिवर्तक फिर आओ।।
आओ पुनः युवाओं में,
नरेंद्र नाथ बनकर आओ।।
रचयिता
सुनीता यादव,
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय फत्तेपुर मीरा बेहड़,
विकास क्षेत्र-हरगांव,
जनपद-सीतापुर।
युग परिवर्तक फिर आओ।।
आओ पुनः युवाओं में,
नरेंद्र नाथ बनकर आओ।।
अल्पायु में ज्ञान दिया जो,
फिर से उसे सुना जाओ।।
विश्व धर्म परिषद में आकर,
फिर पहचान बना जाओ।।
आज वही पहचान बनाना,
युवा शक्ति को सिखलाओ।।
भारत माँ की इच्छा है,
फिर विश्व पटल पर छा जाओ।।
त्याग तपस्या ब्रह्मचर्य का,
फिर से भाव जगा जाओ।।
भारत भूमि को पावन कर,
फिर से स्वर्ग बना जाओ।।
जन जन की है माँग धरा पर,
युग परिवर्तक फिर आओ।।
आओ पुनः युवाओं में,
नरेंद्र नाथ बनकर आओ।।
रचयिता
सुनीता यादव,
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय फत्तेपुर मीरा बेहड़,
विकास क्षेत्र-हरगांव,
जनपद-सीतापुर।

वाह, बहुत सुंदर व प्रेरणादायक👌👌
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