नववर्ष कैसे नववर्ष

एक प्रश्न
         नववर्ष कैसे नववर्ष?

जब तक न नवल रश्मियों का
          हर घर में संचार हो।

जब तक न नवल विचारों का
          हर मन में प्रवाह हो।

जब तक न नवल सोच जग में
       नवल प्रीत भर जाए।

तब तक ये नववर्ष
       कैसे नववर्ष कहलाए?

जब तक न मेरे देश के
हर बच्चे के हाथ में किताब हो।

जब तक न हर मासूम बचपन के चेहरे पर निश्छल मुस्कान हो।
जब तक न बाल मजदूरी से कोमल बचपन आजाद हो जाए।

तब तक ये नववर्ष
    कैसे नववर्ष कहलाए?

जब तक न हर आँगन में बेटी के             
जन्म पर खुशियाँ अपार हों।
 
जब तक न बेटियों के लिए,
   हर नज़र में इज्जत और सम्मान हो।

जब तक न बेटियों के लिए,
सुरक्षित मेरा समाज हो जाए।

तब तक ये नववर्ष
     कैसे नववर्ष कहलाए?

जब तक न सरहदों पर
 अमन और शांति का पैगाम हो।

जब तक न सरहद के पहरेदारों के
जीवन में भी सकून की छाँव हो।

जब तक न तिरंगे में सरहदों से वापस आते
     जवान रूक न जाए।

तब तक ये नववर्ष
      कैसे नववर्ष कहलाए?

रचयिता
संयोगिता,
प्रधानध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय अदलपुर,
विकास खण्ड-डिलारी
जनपद-मुरादाबाद।

Comments

  1. हार्दिक धन्यवाद मिशन शिक्षण संवाद🙏

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