बाल-सुमन तुम हँसते रहना

रंग- बिरंगे सुमन बाग में, जिसके हम माली हैं।
है सौभाग्य हमारा, करते उनकी रखवाली हैं।

चम्पा, जूही, बेला जैसे निस-दिन खिल जाते हैं।
उनकी इक मुस्कान से दुःख, मन के मिट जाते हैं।

 कल बगिया के सुमन हमारे, नूतन वर्ष मे होंगे।
नये वर्ष के नये पलों में, नयी उमंग भरेंगे।

है प्रभु से ये विनय हमारी, ये वर्ष खुशी से बीते।
नये वर्ष मे नई बहारें, आएँ हँसते-गाते।

जैसे जाते हुए वर्ष में, रही सदा हरियाली है।
यूँ ही बगिया हरी रहें ये, दुआ करें हम माली हैं।

है सौभाग्य हमारा, करते उनकी रखवाली हैं।
रंग- बिरंगे सुमन बाग में, जिसके हम माली हैं।

रचयिता 
महेंद्र सिंह,
अनुदेशक,
उच्च प्राथमिक विद्यालय कुम्भीपुर,
विकास खण्ड-हथगाम,
जनपद-फतेहपुर।
मो०-+919559197350

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