नारी सशक्तिकरण
नारी ममता की मूरत है।
नारी त्याग तपस्या है।।
फिर भी नारी के जीवन में।
आता क्यों अग्नि परीक्षा है।।
दर्द हृदय में धारण कर।
मुस्कान वो देती धरा को है।।
फिर भी नारी के जीवन में।
आती क्यों अग्नि परीक्षा है।।
बेपरवाह स्वखुशियों की।
जन-जीवन सिञ्चित किया है।।
फिर भी नारी के जीवन में।
आती क्यों अग्नि परीक्षा है।।
आँखों में ख्वाब परहित के।
पल्लवित किया धरा को है।।
फिर भी नारी के जीवन में।
आती क्यों अग्नि परीक्षा है।।
अपनी मुस्कान के बदले।
हर अधरों में मुस्कान भरा है।।
फिर भी नारी के जीवन में।
आती क्यों अग्नि परीक्षा है।।
कुर्बान् स्वजीवन की करके।
जग में इतिहास रचा है।।
फिर भी नारी के जीवन में।
आती क्यों अग्नि परीक्षा है।।
रचयिता
रश्मि पाण्डेय,
सहायक शिक्षिका,
प्राथमिक विद्यालय चक अलादातपुर,
विकास खण्ड-हथगाम,
जनपद-फतेहपुर।
नारी त्याग तपस्या है।।
फिर भी नारी के जीवन में।
आता क्यों अग्नि परीक्षा है।।
दर्द हृदय में धारण कर।
मुस्कान वो देती धरा को है।।
फिर भी नारी के जीवन में।
आती क्यों अग्नि परीक्षा है।।
बेपरवाह स्वखुशियों की।
जन-जीवन सिञ्चित किया है।।
फिर भी नारी के जीवन में।
आती क्यों अग्नि परीक्षा है।।
आँखों में ख्वाब परहित के।
पल्लवित किया धरा को है।।
फिर भी नारी के जीवन में।
आती क्यों अग्नि परीक्षा है।।
अपनी मुस्कान के बदले।
हर अधरों में मुस्कान भरा है।।
फिर भी नारी के जीवन में।
आती क्यों अग्नि परीक्षा है।।
कुर्बान् स्वजीवन की करके।
जग में इतिहास रचा है।।
फिर भी नारी के जीवन में।
आती क्यों अग्नि परीक्षा है।।
रचयिता
रश्मि पाण्डेय,
सहायक शिक्षिका,
प्राथमिक विद्यालय चक अलादातपुर,
विकास खण्ड-हथगाम,
जनपद-फतेहपुर।

सुन्दर अभिव्यक्ति
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