स्वागतम् - 2020
बदला बर्ष मौसम,
नववर्ष की बधाई है।
कश्मीर जैसी ठण्डक,
अपने यहाँ भी आयी है।।
बिखरी जहाँ तहाँ है,
अनुपम छटा प्रकृति की।
खुबसूरत वादियों को,
शांति आज भायी है।।
धारा हटी हुए सब,
बेनकाब नाम सारे।
तोड़ दी हिम्मत जिसने,
उँगली उठायी है।।
शांति से जीते हम मिल,
साथ जीना चाहें।
बवाल करने की दवा,
क्यों ये छिड़कवायी है।।
बीते हुए दिनों में जो,
बेटियों ने कर दिखाया।
परिवार देश का सम्मान,
कीर्ति भी बढ़ायी है।।
खुशनुमा समय की,
उम्मीद भरी विदाई है।
उमंग सीख सुखद,
नवबर्ष का दिन लाई है।।
रचयिता
श्रीमती नैमिष शर्मा,
सहायक अध्यापक,
परिषदीय संविलियित पूर्व माध्यमिक विद्यालय तेहरा,
विकास खंड-मथुरा,
जिला-मथुरा।
उत्तर प्रदेश।
नववर्ष की बधाई है।
कश्मीर जैसी ठण्डक,
अपने यहाँ भी आयी है।।
बिखरी जहाँ तहाँ है,
अनुपम छटा प्रकृति की।
खुबसूरत वादियों को,
शांति आज भायी है।।
धारा हटी हुए सब,
बेनकाब नाम सारे।
तोड़ दी हिम्मत जिसने,
उँगली उठायी है।।
शांति से जीते हम मिल,
साथ जीना चाहें।
बवाल करने की दवा,
क्यों ये छिड़कवायी है।।
बीते हुए दिनों में जो,
बेटियों ने कर दिखाया।
परिवार देश का सम्मान,
कीर्ति भी बढ़ायी है।।
खुशनुमा समय की,
उम्मीद भरी विदाई है।
उमंग सीख सुखद,
नवबर्ष का दिन लाई है।।
रचयिता
श्रीमती नैमिष शर्मा,
सहायक अध्यापक,
परिषदीय संविलियित पूर्व माध्यमिक विद्यालय तेहरा,
विकास खंड-मथुरा,
जिला-मथुरा।
उत्तर प्रदेश।

बहुत सुंदर रचना
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