मेरा प्यारा स्कूल

   मेरा प्यारा अच्छा स्कूल
   जग से न्यारा मेरा स्कूल
   रोज सबेरे आते हैं
   ज्ञान की बातें सीखते हैं।
   सुबह प्रार्थना करते हैं
   दिन में भोजन पाते हैं।
   ABCD या हो क, ख
   मन लगाकर पढ़ते हैं।
   जोड़, घटाना, गुणा, भाग से
   हिसाब लगाना सीखते हैं।
   खेलकूद और योग क्रिया से
   तन को स्वस्थ बनाते हैं।
   खेल-खेल में ज्ञान की बातेंं
   गुरू जी हमें सिखाते हैं।
   सच्चाई के मार्ग चलें हम,
   सदा हमें सिखाते हैं।
  मेरा प्यारा अच्छा स्कूल
  जग से न्यारा मेरा स्कूल।

रचयिता
हरीश सिंह पुजारी, 
रा०प्रा०वि० चौबाटी, 
विकास खण्ड-डीडीहाट,
जनपद-पिथौरागढ़,
उत्तराखण्ड।

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