मत को अपने मत जाने दें यूँ ही बेकार

वर्ष -2019 के चुनाव में मतदाता जागरूकता पर मेरी लिखी कुछ पंक्तियाँ

मत को अपने मत जाने दें,
         यूँ ही बेकार

मत को अपने मत जाने दे,
बस यूँ ही बेकार।
मत देकर के हम बन जाएँ,
नागरिक जिम्मेदार।
अपने-अपने पहचान को लेकर,
पहुँचें हम बूथ के द्वार।
मत को अपने मत जाने दें,
बस यूँ ही बेकार।

          एक दिन बस देश को दे दें,
          छोड़ के कार-बार।
          हम सब ये उपकार कर दें,
          कि बन जाए सरकार।
हम देश को वो सरकार दिला दें,
जो करे इसके सपने साकार।
मत को अपने मत जाने दें,
बस यूँ ही बेकार।

         पैदल ही मिलकर चल पड़े,
         ना मोटर-ना कार।
        वयस्क होने पर हैं मिलते,
        ये मताधिकार।
दिव्यांग हो या हो  पूर्णांग,
सबको है ये अधिकार।
मत को अपने मत जाने दें,
बस यूँ ही बेकार।

          बूँद -बूँद से घड़े हैं भरते,
          इसको कर दे साकार।
          मत को अपने मत जाने दें,
          बस यूँ ही बेकार।

रचयिता
पूजा यादव,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय उदयपुर,
विकास खण्ड-हरहुआ,
जनपद-वाराणसी।

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