अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेषांक,48,प्रवीणा दीक्षित ,कासगंज
*👩🏻🏫अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेषांक*
*मिशन शिक्षण संवाद परिवार की बहनों की संघर्ष और सफ़लता की कहानी*
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*👩👩👧👧महिला सशक्तीकरण- 48*
(दिनाँक- 20 अप्रैल 2019)
नाम--प्रवीणा दीक्षित
पद--स.अ.
विद्यालय---Kgbv Kasganj
*सफलता एवं संघर्ष की कहानी :-*
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'कर्म तो मंगल प्रदायक तत्व है
कर्म से रहता सुरक्षित सत्व है
कर्म से ही सिद्धि होती सिद्धियाँ
कर्म ही देता हमें अमरत्व है।
विद्याSमृतमश्नुते अर्थात् विद्या से अमृत प्राप्त होता है और कार्य भी अमृत का स्रोत है। यदि हम विद्या के क्षेत्र को कर्म से जोड़ सकें तो शायद अमरत्व दूर नहीं रहेगा।
मैं और मेरा विद्यालय परिवार इस दिशा में प्रयत्नशील भी है।
' **कठिन कर्म की पगडण्डी* पर चलकरशिक्षा के क्षेत्र में नये प्रतिमान गढ़ना ही हमारी प्रकृति और आकांक्षा है।
मेरा मन सदैव ही शिक्षक बनने के सपने देखा करता था ....वो सपना भी पूरा हुआ।
कासगंज में Kgbv स्कूल की स्थापना के साथ ही मेरी नियुक्ति हुई। मन उत्साह से भरा हुआ लेकिन यात्रा आसान नहीं... दूर-दराज गाँवों के विपन्न और अशिक्षित परिवार की बालिकाओं को आवासीय विद्यालय में प्रवेश कराने के लिए राजी करना अत्यंत दुष्कर कार्य था किन्तु हमारे अधिकारियों व विद्यालय परिवार के अथक परिश्रम व सहयोग से छात्राओं के संरक्षकों को आश्वस्त कर अध्ययन व अध्यापन का क्रम जारी रहा।
✍ अपनी बालिकाओं को उनकी रुचि व मनौवैज्ञानिक आधार बनाकर शिक्षा देनें का प्रयास।
✍ विद्यालय का भौतिक परिवेश आकर्षक व शांत है।
✍ बालिकाओं को पुस्तकालय व वाचनालय की उपयोगिता दर्शायी परिणामस्वरूप अब बालिकाएँ पुस्तकों से उपयोगी सामिग्री नोट कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करतीं हैं।
✍ वर्तमान में हमारे पुस्कालय में1000 से भी अधिक पुस्तकें हैं।
✍देश व समाज से जोड़ने के लिए'बाल अखबार'व कॉमिक' का विधिवत लेखन व सम्पादन कराना।
✍ प्रार्थना सभा से लेकर अध्यापन चक्र तक( या यूँ कहें पूरे समय तक) राष्ट्रीय एकता, सर्वधर्म समभाव, संविधान के प्रति निष्ठा, सामाजिक उत्तरदायित्व निर्वहन की क्षमता जैसे स्वस्थ भाव विकसित किए जाते हैं।
✍ खेल-खेल में रोचक गतिविधियों द्वारा शिक्षण कार्य,ICT का प्रयोग (फोन या लैपटॉप) से कराना।
✍ विभिन्न शैक्षिक व सामाजिक आयोजनों में भागीदारी।
✍ खेल-कूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जनपद व मण्डल स्तर पर पुरूस्कृत।
✍ कासगंज महोत्सव में 'बूगी-बूगी नाईट',डांस कम्पटीशन'
रंगोली, मेंहदी ,मतदाता जागरूकताअभियान , science exhibition आदि मे frist prize पाना।
✍मैंनें विद्यालय में साहित्यिक संस्था'पाँखुरी... एक नई पहल' का गठन किया जिससे मेरी बालिकाओं की जिज्ञासा, भाव प्रकाशन,क्रियात्मकता व कल्पनाशीलता को एक मंच मिल सके।
✍आज मेरीं ज्यादातर बालिकाएँ कविताएँ व कहानियाँ लिखने लगीं हैं।
✍'हिन्दी दिवस'पर कराई जाने वाली'काव्य गोष्ठी के माध्यम से वह सूर,कबीर, तुलसी, मीरा के साथ-साथ दुष्यंत कुमार, नीरज जी व कुमार विश्वास को भी सुनतीं और सुनातीं हैं।
✍ देश के महान व्यक्तित्वों की जयंती पर नाट्य मंचन, मूक अभिनय ,गीत व समूह गान कराना।
✍सिलाई-कढ़ाई, बुनाई,केश सज्जा, सलाद डेकोरेशन, रंगोली, मेंहदी व फैशन शो जैसे कार्यों का निर्वहन।
✍ जनपद स्तर पर होने वाले--पेंटिंग, सिंगिंग,कहानी,पपेट ,विज्ञान प्रश्नोत्तरी आदि में प्रतिभाग कराना।
✍मैं 'मिशन शिक्षण संवाद'जैसे मंच से एक वर्ष से जुड़ी हूँ। अपने साथियों के सीखने-सिखाने के भाव से जुड़कर अपनी बालिकाओं को हर रोज नया सिखाने के लिए हमारा विद्यालय परिवार लालायित रहता है।
मैं यह कहते हुए गर्व का अनुभव करतीं हूँ कि साधन विहीन घरों से आने वाली ये बालिकाएँ उचित शैक्षिक व ममत्वमयी परिवेश पाकर अपने व्यक्तित्व को सवाँरतीं और निखारतीं हैं।
हमारी ये बेटियाँ समाज में अपनी सार्थकता सिद्ध करेंगीं...ऐसी विद्यालय परिवार की आशा है।
" *बढ़ गए हैं जो चरण*
*वे अब रोके नहीं रूकेंगें*
*पुरुषार्थ का जब रथ बढे़गा*
*तिमिर के झण्डे झुकेंगें*
_✏संकलन_
*📝टीम मिशन शिक्षण संवाद।*
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