अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेषांक,62,रानी सिंह,कुशीनगर

*👩🏻‍🏫अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेषांक*

*मिशन शिक्षण संवाद परिवार की बहनों की संघर्ष और सफ़लता की कहानी*

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*👩‍👩‍👧‍👧महिला सशक्तीकरण- 62*
(दिनाँक- 04 मई 2019)

नाम- रानी पाण्डेय
पद- सहायक अध्यापिका
विद्यालय- प्राथमिक विद्यालय बाघनाथ सम्बद्ध बेसिक मॉडल स्कूल(PP HATA)
ब्लॉक- हाटा,जनपद- कुशीनगर, उ0प्र0
सफलता एवं संघर्ष की कहानी :-
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*मेरा परिचय:*

नियुक्ति- 9:11:2015
छात्र संख्या- 310

*कार्य विवरण*
मेरी कार्यस्थली कुशीनगर में बेसिक शिक्षा विभाग से मेरा जुड़ाव जनवरी 2015 से 72825 नियुक्ति में प्रशिक्षु शिक्षक के रूप में हुआ। प्रशिक्षण काल में ही मेरी तैयारी PP HATA में हुई। उस समय यह विद्यालय भी अन्य परिषदीय विद्यालयों की भाँति ही था। नामांकन की तुलना मे उपस्थिति न्यून रहती थी। जो आते भी थे वो पढ़ने कम और मध्यान्ह भोजन के लिए ज्यादा आते थे।
वहां आने से पूर्व मैं 6 वर्षों तक गोरखपुर में प्राइवेट और मिशनरी विद्यालय में अध्यापन कर चुकी थी। जब यहाँ की स्थिति देखी तो मन में यही विचार आया कि भले ही हम इन बच्चों को संसाधन न उपलब्ध करा पायें लेकिन इन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासन तो दे ही सकते हैं। इसी सोच के साथ मैंने कदम बढ़ा दिए। इसी बीच प्रयोग के तौर पर तत्कालीन खण्ड शिक्षा अधिकारी व बीएसए महोदय ने इस विद्यालय को अंग्रेजी माध्यम से संचालित कराने का निर्देश दिया और 6 और शिक्षकों की एक मज़बूत टीम बनायी। हम सभी ने बहुत मेहनत की और 2015-16 सत्र से यह विद्यालय अंग्रेजी माध्यम से संचालित होने लगा। इसी सत्र में छात्र संख्या सीधा 290 पहुँच गयी। आज भी हमारा यह बेसिक मॉडल स्कूल हाटा पूरे जनपद में अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचारों के लिए जाना जाता है। मेरा यह विद्यालय विभागीय , सामुदायिक सहयोग और एक मज़बूत टीमवर्क की मिशाल है।
*मेरे द्वारा किये गए कार्य:-*
* सुनियोजित प्रार्थना सभा जिसमें इंग्लिश प्रेयर, प्रतिदिन अलग हिंदी प्रार्थम6, प्लेज़, थॉट, GK प्रश्न, पीटी स्किट, पोयम।
* प्रतिवर्ष बाल संसद का गठन व हेड ब्वॉय हेड गर्ल का चुनाव।
* बच्चों को आर्ट एवं क्राफ़्ट गतिविधियां सिखाया।
* विज्ञान के मॉडल बनाना और नए प्रयोग करना।
* बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम सिखाना व विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कराना।
* बच्चों को उपलब्ध वस्तुओं से ही नृत्य आदि के लिए अपने हाथों से सुंदर पोषाक व आभूषण बनाना सिखाना।
* पेपर ज्वैलरी बनाना सिखाना।
* बच्चों को ड्रॉइंग व ठीक प्रकार से रंग भरना सिखाना।
* समय समय पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन कराना।
* बच्चों ले लिए आईकार्ड बनवाना।
* खेल प्रतियोगिताओं के लिए पीटी की टीम तैयार करना। टीम के लिए डम्बल व लेजियम की व्यवस्था करना।
* बच्चों के लिए आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उन्हें प्रतिभाग कराना व प्राइवेट स्कूल ले बच्चों से प्रतिस्पर्धा कराना।
* अकेले ही 3 दिनों में समर कैंप का सफल आयोजन।
*व्यक्तिगत रूप से बच्चों के लिए कम्प्यूटर की व्यवस्था।
* जरूरतमंद बच्चों को स्टेशनरी देना व उनकी हर सम्भव सहायता करना।
* लाइब्रेरी खोलना व लाइब्रेरी के लिए पुस्तकें दान करना।
* बच्चों को नवोदय व विद्याज्ञान की तैयारी हेतु विशेष कक्षाओं के संचालन करना(विद्याज्ञान मुख्य परीक्षा में 6 बच्चे चयनित
* आईसीटी के माध्यम से कक्षा शिक्षण कराना।
* कक्षा कक्षों को बच्चों द्वारा चार्ट बनवाकर सुसज्जित कराना।
* बच्चों में स्वयं करके सीखने की आदत का विकास।
*बच्चों को स्वअनुशासन सिखाना।
* विभिन्न नवाचारों व टीएलएम के माध्यम से शिक्षण को रुचिकर बनाना।
* बिभिन्न खेल प्रोयोगिताओं में बच्चों  का मंडल स्तर तक उत्कृष्ट प्रदर्शन।
* आईसीटी मे मण्डल स्तर पर कुशीनगर की तरफ़ से प्रतिभाग किया ।
किन्तु मेरे लिए गर्व के क्षण वही होते हैं जब मेरे बच्चे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए जीतते हैं और प्रसंशा पाते हैं। उनका प्रेम और स्नेह मेरे शिक्षक हृदय को तृप्त कर देता हैं।

_✏संकलन_
*📝टीम मिशन शिक्षण संवाद।*

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