अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेषांक,59,रीना सैनी ,महराजगंज
*👩🏻🏫अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेषांक*
*मिशन शिक्षण संवाद परिवार की बहनों की संघर्ष और सफ़लता की कहानी*
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*👩👩👧👧महिला सशक्तीकरण- 59*
(दिनाँक- 01 मई 2019)
नाम- रीना सैनी
पद- प्रभारी प्रधानाध्यापक
विद्यालय- प्राथमिक विद्यालय गिदहा
वि०क्षे०- सदर , महाराजगंज
*सफलता एवं संघर्ष की कहानी :-*
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जब हौंसला बना ही लिया ऊंची उड़ान का,
तो कद नापना बेकार है आसमान का।
लाखों मुश्किलें हो कदमों में आपके,
हौंसले से मिट जाएगा नामोनिशान मुश्किलों का।
बचपन से ही मेरी इच्छा थी कि मैं एक शिक्षिका बनूँ और उसी प्यार से पढाऊँ जिस प्यार से मुझे मेरे शिक्षकों ने पढ़ाया। मेरा यह सपना पूरा हुआ 9 नवम्बर 2015 को जब मेरी नियुक्ति प्राथमिक विद्यालय गिदहा क्षेत्र सदर-जनपद महराजगंज में हुई।सहायक अध्यापक के रूप में मैं शुरुआत से ही विद्यालय में अकेली रह गई जब बाकी के अध्यापक अवकाश पर थे।मेरी चुनौती पांचों कक्षाओं को संचालित करने की थी जबकि उस समय बच्चे न तो नियमित थे न शिक्षा के प्रति गम्भीर ।बेहतर उपस्थिति व शिक्षण स्तर में सुधार हेतु निम्न कार्य किये जो संक्षेप में इस प्रकार है-
घर घर जाकर अभिभावक सम्पर्क किया गया।प्रार्थना स्थल की गतिविधियों में परिवर्तन।बच्चों को सम्पूर्ण स्टेशनरी काफी लंबे समय तक दी गयी। TLM आधारित शिक्षण व विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया गया।सभी तीज त्यौहार पर प्रतियोगिता व समारोह किया जाता है विशेषकर होली ,दीवाली त्योहारों पर विद्यालय में ही बच्चों के साथ मनाया जाता है। दीवाली की शाम को सभी बच्चों के लिए उपहार,मिठाईयां वितरण व सैंकड़ो दियों और मोमबत्तियों से पूरे विद्यालय को रोशनी से भर दिया जाता है।
हर शनिवार को CRAFT एक्टिविटी कराई जाती है।
इसी बीच मुझे मिशन शिक्षण संवाद से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ।मिशन से जुड़ने के बाद विद्यालय के शिक्षण में और भी नवीनता का संचार हुआ।
18 अप्रैल 2018 को विद्यालय का कार्यभार मेरे कंधों पर आ गया।प्र0प्र0अ0 के रूप में निम्न कार्य सम्पादित किये गये-
1.बाल संसद का गठन किया गया जिसमें पदाधिकारी को हाथ से बना बैच लगाया गया।
2.मिनी बैंक की व्यवस्था
3.साबुन बैंक की व्यवस्था
4.हैंड वाश की सुविधा
5.विद्यालय में विभिन्न प्रकार के छोटे बड़े बैनर बनाये गए क्योंकि किसी भी प्रकार का बैनर नहीं था।
6.विद्यालय में बड़ा सा Welcome बोर्ड बनाया गया।
7.PT टीम के लिए लेजिम,डम्बल और ड्रेस की व्यवस्था की गई।
8.बच्चों को अपने खर्च से ही टाई, बेल्ट,आई कार्ड आदि वितरित किए।
9.सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए ड्रेस बनाई गई।
10.प्रोजेक्टर व फ़ोन के माध्यम से ICT आधारित शिक्षण की व्यवस्था की गई है।
11.दीक्षा app के साथ साथ किसी भी गतिविधि को कविता के माध्यम से पढ़ाया जाता है।
12.चित्रकला का अद्भुत प्रदर्शन करते है छात्र।
13.पुराना जर्जर भवन गिरवाकर प्रधान जी के सहयोग से विद्यालय की बाउंडरी वॉल का निर्माण कराया गया।
14.राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने का अवसर प्राप्त हुआ।
3 साल पहले तक मेरा विद्यालय खंडहर स्तिथि में था जो वर्तमान में उसका भौतिक परिवेश उत्तम हो गया है। आज मेरे विद्यालय की गिनती महराजगंज के गिने चुने विद्यालयों में होती है।
भविष्य के लिए भी बहुत सारी योजनाएं बनाई गई है।
_✏संकलन_
*📝टीम मिशन शिक्षण संवाद।*
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