अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेषांक,46,शिवानी सिंह,बाराबंकी
*👩🏻🏫अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेषांक*
*मिशन शिक्षण संवाद परिवार की बहनों की संघर्ष और सफ़लता की कहानी*
https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=2314481562162761&id=1598220847122173
*👩👩👧👧महिला सशक्तीकरण- 46*
(दिनाँक- 18 अप्रैल 2019)
*नाम-शिवानी सिंह*
पद-प्रभारी प्रधानाध्यापिका
विद्यालय-अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय भियामऊ,विकास क्षेत्र-हैदरगढ़,बाराबंकी
*सफलता एवं संघर्ष की कहानी :-*
👉
*साक्षरता की मुहिम*
यह भियामऊ गांव है जहां गांव से दूर जंगल मे एक विद्यालय स्थित है जो अब प्राथमिक विद्यालय भियामऊ से अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय भियामऊ हो चुका है। मैं शिवानी सिंह यहाँ
प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हूँ, मुझे अब तकरीबन 4-5 ,वर्ष हो रहा है यहाँ कार्य करते हुए। इतने दिनों में अगर शिक्षा की गुणवत्ता की बात करें तो यही बात निकलकर आती हस की कहीं न कहीं (माहौल) ,वातावरण व जागरूकता की कमी।
बच्चों का विद्यालय में नियमित न होना ,बैग ,यूनिफॉर्म ,कॉपी -किताब का व्यवस्थित न होना,व्यक्तिगत स्वच्छता का न होना ऐसी तमाम समस्याएं हैं जिसका निदान कैसे किया जाय यह चिंतन का विषय थी ।
ऐसे में हमने अपने बच्चों के साथ मिलकर गाँव में साक्षरता की पहल की है। हमारा उद्देश्य है कि *'एक स्वच्छ शैक्षिक वातावरण का निर्माण करना है ।'* साक्षरता के साथ -साथ उन्हें स्वच्छता व सरकारी योजनाओं हेतु जागरूक करना। इसके अतिरिक्त यह भी एक विषयक है कि हमारे विद्यालय की बच्चियां हर क्षेत्र में कुशल व्यवस्थित एवं अग्रणी हैं। मुझे यह जनकारी हुई कि यहाँ लोग बच्चियों को उच्च शिक्षा हेतु इनके माता -पिता सजग नहीं हैं। उनका कहना है कि बस यही आस-पास 8 वीं तक स्कूल है पढ़ ले वही बहुत है ।
फिर एक अच्छा लड़का देखकर इनके हाँथ पीले कर दें ।
ससुराल वाले पढ़ैइये तो पढ़इये । ऐसी बातों से मुझे बहुत धक्का लगा। आज भी लोग बस शादी को सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं।
शिक्षा व आत्मनिर्भरता जो सबसे ज्यादा जरूरी है । वह आज भी कुछ लोग अनदेखा करते हैं।
अतः _मेरा लक्ष्य गांव में एक स्कूल की संकल्पना है जिसमें मुझे एक शैक्षिक स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए व लोगों को साक्षरता व शिक्षा के प्रति सजग करना है।_
_✏संकलन_
*📝टीम मिशन शिक्षण संवाद।*
Comments
Post a Comment