देश का भविष्य बनाना है
इस देश का भविष्य बनाना है
नन्हें-नन्हें हाथों में,
कागज कलम पकड़ाना है।
इनके भीतर ज्ञान का,
अलख जगाना है।
बच्चे-बच्चे को कलाम बनाना है,
हमने व्रत अब यह ठाना है,
इस देश का भविष्य बनाना है।
नन्हें-नन्हें हाथो में,
कागज कलम पकड़ाना है।
हर बच्चा कुछ करने को आतुर हो,
जिज्ञासा उसमें भरपूर जगाना है,
हमने व्रत अब यह ठाना है,
बच्चों को नव स्वप्न दिखाना है,
भारत का भविष्य बनाना है,
नन्हें-नन्हें हाथों में,
कागज़ कलम पकड़ाना है।
रचयिता
चंचला पाण्डेय,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय मसीरपुर,
विकास खण्ड-बिलरियागंज,
जनपद-आज़मगढ़।
नन्हें-नन्हें हाथों में,
कागज कलम पकड़ाना है।
इनके भीतर ज्ञान का,
अलख जगाना है।
बच्चे-बच्चे को कलाम बनाना है,
हमने व्रत अब यह ठाना है,
इस देश का भविष्य बनाना है।
नन्हें-नन्हें हाथो में,
कागज कलम पकड़ाना है।
हर बच्चा कुछ करने को आतुर हो,
जिज्ञासा उसमें भरपूर जगाना है,
हमने व्रत अब यह ठाना है,
बच्चों को नव स्वप्न दिखाना है,
भारत का भविष्य बनाना है,
नन्हें-नन्हें हाथों में,
कागज़ कलम पकड़ाना है।
रचयिता
चंचला पाण्डेय,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय मसीरपुर,
विकास खण्ड-बिलरियागंज,
जनपद-आज़मगढ़।

Bahut sundar...
ReplyDelete