पवन पावन हो
पवन पावन हो,
धरा मनभावन हो।
स्वस्थ, मस्त, मगन हो,
धरा के सब जीवधारी।
वनस्पतियों व जीवों पर,
प्रदूषण पड़ जाए ना भारी।
हम से है ये पर्यावरण,
हमारी सुरक्षा का आवरण।
धुएँ व जहरीली गैसों के कारण।
ज्वलंत मुद्दा बना प्रदूषण।
खाँसी-दमा एलर्जी, अंधापन,
त्वचा रोग व श्रवण कम।
अम्लीय वर्षा व बढ़ी धरा की तपन,
करता ऐतिहासिक इमारतों का क्षरण।
प्लास्टिक व ग्लोबल वार्मिंग बनी चुनौती,
SO2, C02, फ्रियोन व C.F.C.
लाएँ सौर-ऊर्जा व C.N.G. में बढ़ोत्तरी,
वृक्ष लगा प्रदूषण मुक्त हो ये धरती।
जन साँसों में आये ना अड़चन,
जब शुद्ध ,जल, प्रकाश, भोजन।
भूमि, ध्वनि, तरंग व पवन,
से स्वच्छ हो हमारा पर्यावरण।
पालिथीन को कहें 'ना',
कपड़े के थैले का प्रयोग करना।
व्यवहारिकता में लायें ज्ञान,
प्रदूषण रोकने पर रहे ध्यान।
"वायु प्रदूषण को दे मात"
जागरूक करती इस वर्ष की थीम।
संकल्प करें! पावन हो 'प्रवात',
संचेतना से साकार हो यह ड्रीम।
पवन पावन हो,
धरा मनभावन हो।
रचयिता
प्रियंशा मौर्य,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय चिलार,
विकास क्षेत्र-देवकली,
जनपद-गाजीपुर।
धरा मनभावन हो।
स्वस्थ, मस्त, मगन हो,
धरा के सब जीवधारी।
वनस्पतियों व जीवों पर,
प्रदूषण पड़ जाए ना भारी।
हम से है ये पर्यावरण,
हमारी सुरक्षा का आवरण।
धुएँ व जहरीली गैसों के कारण।
ज्वलंत मुद्दा बना प्रदूषण।
खाँसी-दमा एलर्जी, अंधापन,
त्वचा रोग व श्रवण कम।
अम्लीय वर्षा व बढ़ी धरा की तपन,
करता ऐतिहासिक इमारतों का क्षरण।
प्लास्टिक व ग्लोबल वार्मिंग बनी चुनौती,
SO2, C02, फ्रियोन व C.F.C.
लाएँ सौर-ऊर्जा व C.N.G. में बढ़ोत्तरी,
वृक्ष लगा प्रदूषण मुक्त हो ये धरती।
जन साँसों में आये ना अड़चन,
जब शुद्ध ,जल, प्रकाश, भोजन।
भूमि, ध्वनि, तरंग व पवन,
से स्वच्छ हो हमारा पर्यावरण।
पालिथीन को कहें 'ना',
कपड़े के थैले का प्रयोग करना।
व्यवहारिकता में लायें ज्ञान,
प्रदूषण रोकने पर रहे ध्यान।
"वायु प्रदूषण को दे मात"
जागरूक करती इस वर्ष की थीम।
संकल्प करें! पावन हो 'प्रवात',
संचेतना से साकार हो यह ड्रीम।
पवन पावन हो,
धरा मनभावन हो।
रचयिता
प्रियंशा मौर्य,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय चिलार,
विकास क्षेत्र-देवकली,
जनपद-गाजीपुर।

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