अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेषांक,90,आशा कुटार,बाँदा

*👩🏻‍🏫अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेषांक*

*मिशन शिक्षण संवाद परिवार की बहनों की संघर्ष और सफ़लता की कहानी*

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*👩‍👩‍👧‍👧महिला सशक्तीकरण- 90*
(दिनाँक- 01 जून 2019)

नाम-आशा कुटार
पद-प्रधानाध्यापक
विद्यालय-प्राथमिक विद्यालय डिंगवाही,ब्लाक-बड़ोखर खुर्द, जनपद-बांदा

*सफलता एवं संघर्ष की कहानी:-*
प्रथम नियुक्ति-30/03/1999, पदोन्नति-22/03/2002, वर्तमान विद्यालय में नियुक्ति-10/03/2005

चुनौती :-
1.शौचालय,गेट बिहीन जर्जर भवन,
2.जलभराव,
3.शैक्षिक एवं अकादमी स्तर में पिछड़ा,
4.अस्वच्छ वातावरण, 5.आस-पास जुये का गढ़ ,
6.फर्नीचर और अभिलेख पूर्णतः ध्वस्त,

प्रयास :-
1.सर्वप्रथम विद्यालय का गेट स्वयं के खर्चे से लगवाये मवेशियों से सुरक्षा,
2.कक्षाकक्ष निर्माण, शौचालय निर्माण, मिट्टी पुराई,क्यारी बनाकर वृक्षारोपण, विद्युत व्यवस्था,
3.फर्नीचर क्रय,
4.अभिलेख मरम्मत,हर स्थिति में विद्यालय को सुन्दर बनाया
5.शत-प्रतिशत नामांकन हेतु अभिभावक सम्पर्क
6.शौक्षिक गुणवत्ता के बल पर गांव में संचालित दो प्राइवेट विद्यालयों को बन्द कराया
7.नवाचार एवं कठपुतली कला के माध्यम से शिक्षा देने से नामांकन में जबरदस्त वृद्धि ,कुल नामांकन-339‌।
8.मिनी बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया और मेडल प्राप्त किये।9.प्रार्थना ,योगा,पीटी, प्राणायाम,श्लोक,प्रेरक कहानियों के माध्यम से नैतिक विकास।
10."करके सीखो" आधारित शिक्षा से शिक्षा को सरल बनाया परिणाम 11.2015-2016मे 01 छात्र,2016-2017मे 04 विद्याज्ञान की लिखित परीक्षा पास की।
12.शिक्षक दिवस में प्रथम गुरु माताओं का सम्मान कराने  से अभिभावको के मन में विद्यालय
के प्रति धारणा बदली।13.विशेष अवसरों पर अच्छा कार्य व अच्छे अंक प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया।
14.बाल संसद गठन कर बच्चों को ही विद्यालयी जिम्मेदारी सौंपी

🌹अध्यापिका की प्रतिभागिता 🌹
1-रैली एंव विशेष अवसरों में रंगोली एंव ध्वज सज्जा , प्रशस्ति पत्र प्राप्त
2-शैक्षिक उन्नयन मेले में हर वर्ष   पपेट,क्राफ्ट,कला के स्टाल में प्रतिभाग
3-इनोवेशन स्टार्ट अप 2019 मेडिकल  में कठपुतली स्टाल,
4-स्काउट/गाइड के क्षेत्र में प्रतिभाग
5-मास्टर ट्रेनर्स के रुप में ब्लाक, जिला पर प्रतिभाग

🌹प्रेरक संदेश🌹
देश की धरती पर जन्मा हर बच्चा ऐसे शिक्षित हो, कि  समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने और स्वच्छ समाज के सृजन करने का हौसला हो।
क्योंकि -शिक्षक की गोद में प्रलय और निर्माण दोनों खेलते हैं,अबोध बालक के लिए शिक्षक ही अन्तिम सत्य है।

आशा कुटार,
प्रधानाध्यापिका,

_✏संकलन_
*📝टीम मिशन शिक्षण संवाद।*

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