ईद
आई रे आई देखो ईद आई,
खुशियों की सौगात लाई।
सेवइयों का यह त्यौहार,
लाई खुशियों की बौछार,
मिठाइयों की है भरमार,
बच्चों बुजुर्गों पर खुशियाँ हैं हजार छाई।
आई रे आई देखो ईद आई.......
एक माह का कठिन परिश्रम,
बरकत बरसे हरदम,
चांद ने भी कर दी है रहम,
खुदा ने अपनी रहम
सब पर है बरसाई।
आई रे आई देखो ईद आई......
गले मिल सब देते दुआएँ,
बच्चे भी पीछे ना रह पाएँ,
बन ठन कर बच्चे निकले देने सबको बधाई।
आई रे आई देखो ईद आई,
खुशियों की सौगात लाई,
आई रे आई देखो ईद आई।
रचनाकार
आरती सोनकर,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय चौबेपुर खुर्द,
विकास खण्ड-चोलापुर,
जनपद-वाराणसी।
खुशियों की सौगात लाई।
सेवइयों का यह त्यौहार,
लाई खुशियों की बौछार,
मिठाइयों की है भरमार,
बच्चों बुजुर्गों पर खुशियाँ हैं हजार छाई।
आई रे आई देखो ईद आई.......
एक माह का कठिन परिश्रम,
बरकत बरसे हरदम,
चांद ने भी कर दी है रहम,
खुदा ने अपनी रहम
सब पर है बरसाई।
आई रे आई देखो ईद आई......
गले मिल सब देते दुआएँ,
बच्चे भी पीछे ना रह पाएँ,
बन ठन कर बच्चे निकले देने सबको बधाई।
आई रे आई देखो ईद आई,
खुशियों की सौगात लाई,
आई रे आई देखो ईद आई।
रचनाकार
आरती सोनकर,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय चौबेपुर खुर्द,
विकास खण्ड-चोलापुर,
जनपद-वाराणसी।

सुंदर विचार
ReplyDeleteEid ki mubarakbaad pure mission parivar ko apki sunder rachana se mil rhi h
ReplyDeleteEid ki mubarakbaad pure mission parivar ko apki sunder rachana se mil rhi h
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