महाशिवरात्रि
हे शिव कल्याण स्वरुप
हे शम्भू आनन्द स्वरुप
सिर चन्द्र शोभित चंद्रशेखर
माया के अधीश्वर महेश्वर।।
हे भुजंगभूषण हे गिरीश्वर
हे गिरिप्रिय! हे विश्वेश्वर।।
हे सूक्ष्मतनु! हे व्योमकेश
हे जगतव्यापी हर हर महेश।।
हे शिवाप्रिय हे गंगाधर
हे उग्ररूप हर हर शंकर।।
है नमन तुम्हें हे परमेश्वर
हे महादेव भोले शंकर।।
रचयिता
आनन्द मिश्रा,
प्राथमिक विद्यालय तिगड़ा,
विकास खण्ड-फखरपुर,
जनपद-बहराइच।
हे शम्भू आनन्द स्वरुप
सिर चन्द्र शोभित चंद्रशेखर
माया के अधीश्वर महेश्वर।।
हे भुजंगभूषण हे गिरीश्वर
हे गिरिप्रिय! हे विश्वेश्वर।।
हे सूक्ष्मतनु! हे व्योमकेश
हे जगतव्यापी हर हर महेश।।
हे शिवाप्रिय हे गंगाधर
हे उग्ररूप हर हर शंकर।।
है नमन तुम्हें हे परमेश्वर
हे महादेव भोले शंकर।।
रचयिता
आनन्द मिश्रा,
प्राथमिक विद्यालय तिगड़ा,
विकास खण्ड-फखरपुर,
जनपद-बहराइच।

अच्छी रचना
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