हर रोज किताबें पढ़ा करो

हर रोज किताबें पढ़ा करो,
हर रोज किताबें सुना करो।

जब मन में हो उलझन कोई,
तब खोल किताबें पढ़ा करो।

जब अंधकार हो जीवन में,
तब खूब किताबें पढ़ा करो।

कुछ करना हो जीवन में तो,
दिन-रात किताबें पढ़ा करो।

जब नींद न आये रातों को,
तो बैठ किताबें पढ़ा करो।

जब भी खाली समय मिले तो,
तत्काल किताबें पढ़ा करो।

जीवन क्या है? समझ न आये,
तो सुनो किताबें पढ़ा करो।

जब मन दूषित हो जाये तो,
तुम सिर्फ़ किताबें पढ़ा करो।

सबसे अच्छी मित्र किताबें,
 सो मित्र किताबें पढ़ा करो।

रचयिता
अनार सिंह वर्मा,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला गोदी,
जनपद-कासगंज।
972062564

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