सच्चाई
सत्य कहेंगे सत्य सुनेंगे,
सबको यही सिखाएँगे।
गांधी जी के जैसे हम भी,
बनकर के दिखलाएँगे।।
अन्याय नहीं हम न्याय करेंगे,
सबको सुखी बनाएँगे।
ईर्ष्या द्वेष भूलकर हम,
सच का साथ निभाएँगे।।
सीखेंगे हम अच्छी आदत,
बुरी नही अपनाएँगे।
गाँव से लेकर पूरे देश मे,
सत्य की ज्योति जलाएँगे।।
देश की खातिर जीना-मरना,
सीखेंगे और सिखाएँगे।
सभी देशवासी है अपने,
सबको अपना बनाएँगे।।
पढ़ लिख करके हम भी,
देश को आगे बढ़ाएँगे।
बड़े होकर के हम भी,
सबको यही पढ़ाएँगे।।
न्याय के प्रहरी बनकर हम,
अन्याय को दूर भगाएँगे।
तीनों जहां में अपने देश का,
नाम अमर कर जाएँगे।।
रचनाकार
मनीष कुमार वर्मा,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय ताड़ी,
विकास क्षेत्र-मऊ,
जनपद-चित्रकूट।
सबको यही सिखाएँगे।
गांधी जी के जैसे हम भी,
बनकर के दिखलाएँगे।।
अन्याय नहीं हम न्याय करेंगे,
सबको सुखी बनाएँगे।
ईर्ष्या द्वेष भूलकर हम,
सच का साथ निभाएँगे।।
सीखेंगे हम अच्छी आदत,
बुरी नही अपनाएँगे।
गाँव से लेकर पूरे देश मे,
सत्य की ज्योति जलाएँगे।।
देश की खातिर जीना-मरना,
सीखेंगे और सिखाएँगे।
सभी देशवासी है अपने,
सबको अपना बनाएँगे।।
पढ़ लिख करके हम भी,
देश को आगे बढ़ाएँगे।
बड़े होकर के हम भी,
सबको यही पढ़ाएँगे।।
न्याय के प्रहरी बनकर हम,
अन्याय को दूर भगाएँगे।
तीनों जहां में अपने देश का,
नाम अमर कर जाएँगे।।
रचनाकार
मनीष कुमार वर्मा,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय ताड़ी,
विकास क्षेत्र-मऊ,
जनपद-चित्रकूट।

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