मेरा स्वच्छ विद्यालय
मेरा विद्यालय सुंदर बना है,
बच्चों का मन मोह रहा है।
सुंदर-सुंदर चित्र बने हैं,
डाली पर फूल झूम रहे हैं।।
कक्षा-कक्ष चहक रहा है,
रीडिंग कार्नर बोल रहा है।
अब बच्चे पढ़ने आएँगे,
योजना को समृद्ध बनाएँगे।।
प्रथम सप्ताह बाल गीत गाना है,
पूर्व ज्ञान से परिचित कराना है।
अब ना चलेगी मनमानी यहाँ,
दक्षताओं पर शिक्षण कराना है।।
भाषा, गणित का लक्ष्य पूरा कर,
आधारशिला मजबूत बनाना है।
सभी शिक्षकों को मिलकर,
उत्तर प्रदेश को प्रेरक बनाना है।।
रचनाकार
ऊषा रानी,
सहायक अध्यापक,
कम्पोजिट विद्यालय खाता,
विकास क्षेत्र- मवाना,
जनपद-मेरठ।

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