सरकारी स्कूल के बच्चे
हम सरकारी स्कूल के बच्चे हैं।
मेहनती, प्यारे, सीधे-सच्चे हैं।
साहस, ईमानदारी के पूरे पक्के हैं।
हमारी प्रतिभा से सब हक्के- बक्के हैं।
हर काम में लगा दें पूरी जान।
सफलता का पा जाएँ इनाम।
प्यारा है अपना सरकारी स्कूल।
हम सब हैं इस बगिया के फूल।
काँटों में भी हँसना सीखा।
हर मुश्किल में डटना सीखा।
ज्ञान के प्रकाश से खिलकर।
महका देंगें हम जग सारा।
शिक्षक हमारे वृक्ष जैसे महान।
शिक्षा का फल करते दान।
हर घर में पहुँचेगी शिक्षा।
फैलाएगी ज्ञान उजियारा।
हम करेंगे रोशन जग सारा।
सब पढ़ें, सब बढ़ें हमारा नारा।
रचयिता
रीना,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय सालेहनगर,
विकास क्षेत्र-जानी,
जनपद-मेरठ।

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