हर घर की शान है नारी

 हर घर की शान है नारी।

जीवन का आधार है नारी।

हर रिश्ते को निभाती बखूबी

त्याग की पहचान है नारी।

नारी में है शक्ति सारी

अब नहीं वह अबला बेचारी।

शिक्षा का अधिकार पाकर

हर ऊँचाइयों को छू सकती है।

हर घर की शान है नारी.......

अपनी खुशियों को कर दरकिनार

पल-पल करती रहती वह कार्य।

कभी ना थकती कभी ना ठहरती

अपना सब कुछ अर्पण कर देती है।

कोमल हैं भावनाएँ उसकी

नहीं करो उसका अपमान।

सम्मान, शिक्षा और प्रेम पाकर

दुनिया को रोशन कर देती है।

हर घर की शान है नारी........


रचनाकार

मृदुला वर्मा,

सहायक अध्यापक,

प्राथमिक विद्यालय अमरौधा प्रथम,

विकास खण्ड-अमरौधा,

जनपद-कानपुर देहात।



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