मिशन शक्ति
अब न गुमसुम रहेगी नारी
अब न होगी वो लाचारी,
सच की साथी तू बन जा अब
छोड़ के जग की चिंता सारी...
गलत सहन न अब तू करना
अत्याचारी हो या व्यभिचारी,
'शासन' तेरे संग सदा है
बेड़ी पहनेगा अनाचारी.....
अन्याय को नही तू सहना
मौन नहीं अब खुल के कहना,
लाज का पर्दा हुआ पुराना
शक्ति रूप है तेरा गहना....
नई सदी है नया वक़्त है
रूढ़िवादिता हुई पुरानी,
खत्म हुआ अब वक़्त शोक का
नारी खुशियों की अधिकारी....
हो महिला या हो सुकुवारी
कोई नहीं अब दुःख की मारी,
"मिशन शक्ति" ने हर महिला की
ली है पूरी जिम्मेदारी।।
रचयिता
खुशबू गुप्ता,
सहायक अध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय भदोई,
विकास खण्ड-सरोजनी नगर,
जनपद-लखनऊ।

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