बेसिक शिक्षा का उद्धार करें
नित नव फूल खिलाकर,
नव ऊर्जा का संचार करें
बनकर राष्ट्र भगीरथ
बेसिक शिक्षा का उद्धार करें।
फूल वही शोभा पाता,
जो शीश कटाकर अर्पित हो
जो डाली पर मुरझाये
जीता है वो लज्जित हो
अक्षर अंक मिलाकर नई नींव तैयार करें
बनकर राष्ट्र भगीरथ बेसिक शिक्षा का उद्धार करें।
जागृति का समय है उज्ज्वल पा सकते खोया सम्मान
बाधाओं से निडर हो जूझे होता उसका ही गुणगान
घोर अभावों विषम परिस्थिति में न हमें घबराना है
मिलकर कदम बढ़ाएँ ऐसा गीत सभी को गाना है
चाणक्यों की जिम्मेदारी चन्द्रगुप्त तैयार करें
बनकर राष्ट्र भगीरथ बेसिक शिक्षा का उद्धार करें।।
रचयिता
विशाल रस्तोगी,
प्राथमिक विद्यालय तपरहा बाबा,
विकास खण्ड-रेउसा,
जनपद-सीतापुर।
नव ऊर्जा का संचार करें
बनकर राष्ट्र भगीरथ
बेसिक शिक्षा का उद्धार करें।
फूल वही शोभा पाता,
जो शीश कटाकर अर्पित हो
जो डाली पर मुरझाये
जीता है वो लज्जित हो
अक्षर अंक मिलाकर नई नींव तैयार करें
बनकर राष्ट्र भगीरथ बेसिक शिक्षा का उद्धार करें।
जागृति का समय है उज्ज्वल पा सकते खोया सम्मान
बाधाओं से निडर हो जूझे होता उसका ही गुणगान
घोर अभावों विषम परिस्थिति में न हमें घबराना है
मिलकर कदम बढ़ाएँ ऐसा गीत सभी को गाना है
चाणक्यों की जिम्मेदारी चन्द्रगुप्त तैयार करें
बनकर राष्ट्र भगीरथ बेसिक शिक्षा का उद्धार करें।।
रचयिता
विशाल रस्तोगी,
प्राथमिक विद्यालय तपरहा बाबा,
विकास खण्ड-रेउसा,
जनपद-सीतापुर।

सुन्दर रचना सर जी।मुझे भी मिशन शिक्षण संवाद के सीतापुर के वॉट्सएप्प ग्रुपमे जोड़े।
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