हम भारतीय शिक्षक हैं
संस्कृति के सच्चे प्रहरी हैं, हम ज्ञान के रक्षक हैं,
हम भारतीय शिक्षक हैं, हम भारतीय शिक्षक हैं।
देश-प्रेम और भाईचारे का पाठ सदा पढ़ाते हैं,
निरंतर प्रगति हेतु, हम सबको मन्त्र सुझाते हैं।
नैतिकता और मर्यादा का हम सब में समावेश है,
हम भारत के सच्चे शिक्षक, भारत हमारा देश है।
अज्ञानता के अंधियारे को, ज्ञान से हम मिटाते हैं,
मानव को मानव बनाने को, सच्ची राह दिखाते हैं।
उत्तम नागरिक बनाने को, सर्वस्व अर्पण करते हैं,
सबमें देश प्रेम भरते हैं, सरस्वती साधना करते हैं।
नैतिक भाव सिखाने हेतु हम ही सच्चे दीक्षक हैं।
हम भारतीय शिक्षक हैं, हम भारतीय शिक्षक हैं।
चाणक्य, चन्द्रगुप्त, भोज, विक्रम हमने ही बनाये हैं,
रामदास का रूप धर, शिवाजी को हम ही लाये हैं।
देश से संकट मिटाने को, हम ही बने निर्देशक हैं,
हम भारतीय शिक्षक हैं, हम भारतीय शिक्षक हैं।
रचयिता
प्रदीप कुमार,
सहायक अध्यापक,
जूनियर हाईस्कूल बलिया-बहापुर,
विकास खण्ड-ठाकुरद्वारा,
जनपद-मुरादाबाद।
विज्ञान सह-समन्वयक,
विकास खण्ड-ठाकुरद्वारा।
हम भारतीय शिक्षक हैं, हम भारतीय शिक्षक हैं।
देश-प्रेम और भाईचारे का पाठ सदा पढ़ाते हैं,
निरंतर प्रगति हेतु, हम सबको मन्त्र सुझाते हैं।
नैतिकता और मर्यादा का हम सब में समावेश है,
हम भारत के सच्चे शिक्षक, भारत हमारा देश है।
अज्ञानता के अंधियारे को, ज्ञान से हम मिटाते हैं,
मानव को मानव बनाने को, सच्ची राह दिखाते हैं।
उत्तम नागरिक बनाने को, सर्वस्व अर्पण करते हैं,
सबमें देश प्रेम भरते हैं, सरस्वती साधना करते हैं।
नैतिक भाव सिखाने हेतु हम ही सच्चे दीक्षक हैं।
हम भारतीय शिक्षक हैं, हम भारतीय शिक्षक हैं।
चाणक्य, चन्द्रगुप्त, भोज, विक्रम हमने ही बनाये हैं,
रामदास का रूप धर, शिवाजी को हम ही लाये हैं।
देश से संकट मिटाने को, हम ही बने निर्देशक हैं,
हम भारतीय शिक्षक हैं, हम भारतीय शिक्षक हैं।
रचयिता
प्रदीप कुमार,
सहायक अध्यापक,
जूनियर हाईस्कूल बलिया-बहापुर,
विकास खण्ड-ठाकुरद्वारा,
जनपद-मुरादाबाद।
विज्ञान सह-समन्वयक,
विकास खण्ड-ठाकुरद्वारा।

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