देश की शान

सृजनकर्ता हैं हम भविष्य के
हम शिक्षा का अभिमान हैं
शिक्षक हैं गर्व से कहते हैं
इस देश की हम शान हैं
आँधी हो या तूफान हो
कर्तव्य से हम हटे नहीं
कितनी भी विषम हो परिस्थिति
अपनी राह पर डटे रहें
शून्य से शिखर पर
जाने की ताकत रखते हैं
नित नए नवाचारों से
सबको अचंभित करते हैं
विद्यालय समय का हम
करते हैं पूरा सदुपयोग
पढ़ने-लिखने के साथ
बच्चे सीखते हैं नये प्रयोग
शिक्षा की इस क्रांति को
आगे तक ले जाना है
हर बच्चा जाये स्कूल
इस लक्ष्य को भी पाना है
सृजनकर्ता हैं हम भविष्य के
हम शिक्षा का अभिमान हैं
शिक्षक होने पर गर्व है
इस समाज की हम शान हैं

रचयिता
मृदुला वैश्य,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय मीठाबेल,
विकास खण्ड-ब्रह्मपुर,
ज़िला-गोरखपुर।

Comments

  1. बहुत सुन्दर ,सराहनीय ।👌👌

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