प्राइमरी स्कूल में मेरा नाम लिखा दो
तर्ज: तू है सनम मेरा प्यार ओये मेरा दिल तेरा आशिक
कहना मैं मानूँगी, मईया मैं जाऊँगी।
शिक्षा को पाकर मैं, वापस घर आऊँगी
प्राइमरी स्कूल में, मेरा नाम लिखा दो...
मईया चिंता छोड़ दो,
मेरे कान को छोड़ दो,
टीवी न देखूँगी, दिन भर ना खेलूँगी
सपना मैं तेरा मईया, पूरा अब करूँगी
प्राइमरी स्कूल में, मेरा नाम लिखा दो...
मईया तू कितनी अच्छी है,
तेरी ममता सच्ची है,
दिल में लगाऊँगी, कुछ बनकर दिखाऊँगी
आँचल में तेरे मईया, जी भर के सोऊँगी
प्राइमरी स्कूल में, मेरा नाम लिखा दो...
चरणों को तेरे पूजा है,
काम नहीं अब दूजा है
तुझसे ना रूठूँगी, ज्ञान मैं सीखूँगी
गुरु के चरणों में, स्वर्ग बनाऊँगी
प्राइमरी स्कूल में, मेरा नाम लिखा दो...
मिलता फल और दूध सब,
बस्ता और किताब सब
रोज मैं पढ़ूँगी, डॉक्टर मैं बनूँगी
गुरु के संग मईया, अच्छी मैं बनूँगी
प्राइमरी स्कूल में, मेरा नाम लिखा दो...
रचयिता
संयुक्ता सिंह,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय बथुआवर,
विकास खण्ड-सिकरारा,
जनपद-जौनपुर।
कहना मैं मानूँगी, मईया मैं जाऊँगी।
शिक्षा को पाकर मैं, वापस घर आऊँगी
प्राइमरी स्कूल में, मेरा नाम लिखा दो...
मईया चिंता छोड़ दो,
मेरे कान को छोड़ दो,
टीवी न देखूँगी, दिन भर ना खेलूँगी
सपना मैं तेरा मईया, पूरा अब करूँगी
प्राइमरी स्कूल में, मेरा नाम लिखा दो...
मईया तू कितनी अच्छी है,
तेरी ममता सच्ची है,
दिल में लगाऊँगी, कुछ बनकर दिखाऊँगी
आँचल में तेरे मईया, जी भर के सोऊँगी
प्राइमरी स्कूल में, मेरा नाम लिखा दो...
चरणों को तेरे पूजा है,
काम नहीं अब दूजा है
तुझसे ना रूठूँगी, ज्ञान मैं सीखूँगी
गुरु के चरणों में, स्वर्ग बनाऊँगी
प्राइमरी स्कूल में, मेरा नाम लिखा दो...
मिलता फल और दूध सब,
बस्ता और किताब सब
रोज मैं पढ़ूँगी, डॉक्टर मैं बनूँगी
गुरु के संग मईया, अच्छी मैं बनूँगी
प्राइमरी स्कूल में, मेरा नाम लिखा दो...
रचयिता
संयुक्ता सिंह,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय बथुआवर,
विकास खण्ड-सिकरारा,
जनपद-जौनपुर।

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