विश्व उच्च रक्तचाप दिवस

बात पते की तुम्हें बताऊँ, सुन लो ध्यान लगाकर आप
साइलेंट किलर  कहते, हाइपरटेंशन  या  उच्च  रक्तचाप
पूरे  विश्व  के  लिए  बनी  है, समस्या  यह  बहुत  गंभीर
जन   जागरूकता  फैलाने  में, मदद   करो  खुद  आप

गलत दिनचर्या, निष्क्रिय जीवन शैली, होअत्यधिक तनाव
धुम्रपान, मधूमेह, मोटापा, बढ़ा कोलेस्ट्रल  कहता  आव
हाइपरटेंशन  को   ही  कहते  हैं, सब   हाइ   ब्लड  प्रेशर
चिकित्सय भाषा में, धमनियों पे रक्त का बढ़ जाता दबाव

रक्तचाप  के  दो  माप, सिस्टोलिक और डायस्टोलिक है नाम
90/140 mmHg या  ज्यादा होने  पर, हाई ब्लड प्रेशर देते  नाम
वयस्क  व्यक्ति  का  रक्तचाप, 90/120 mmHg  है होता
रक्तचापमापी यंत्र  या  स्फाइनोमैनोमीटर है यह कहलाता

रक्तचाप  का  मुख्य  कारण, रक्त  का  गाढ़ा  होना  होता
नमक  का प्रयोग  बंद  कर दे, तय  है रोग का  कम होना
नियमित  दिनचर्या  हो, 8 घंटे  की  नींद भरपूर तुम सोना
योग करो, निरोग रहो, अल्कोहल, तनाव से सदा दूर रहना 

साल 2005 में वल्ड हाइपरटेंशन  लीग ने, पहली बार मनाया 
जनजागरूकता फैले दुनिया में, "वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे"थीम अपनाया
वर्ष 2019 में "know your Number" की इसकी थीम रखी
बल्ड  प्रेशर नियंत्रित  करने  और  खतरों  की  बात  कही 

ब्लड  प्रेशर  सालेंट किलर  है, देखो यह  पास न आने पाये
विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर, हम जन जागरूकता फैलाये 

रचयिता
वन्दना यादव "गज़ल"
अभिनव प्रा० वि० चन्दवक,
डोभी, जौनपुर।

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