विश्व दूरसंचार दिवस
दूरसंचार से करो नित प्रतिदिन सबसे बात।
हर काम हो जाता पल में दिन हो या रात।।
दूरसंचार ने आज शिक्षा की अलख जगाई है।
संकटकाल में भी शिक्षण में रोचकता छाई है।।
इंटरनेट पर देखो हर चीज़ तुरन्त मिल जाती है।
घर बैठे ही अब हमें देखो नौकरियाँ दिलाती है।।
आईसीटी का प्रयोग कर दीक्षा, प्रेरणा एप्स बने।
सतत शिक्षा के क्षेत्र में एक नया सहयोग जगे।।
पल में ही देखो विदेश की जानकारी मिल जाती।
हमारे नए काम में उम्मीद की कली खिल जाती।।
टेलीविजन से हम शिक्षाप्रद मनोरंजन पाते हैं।
पार करते हैं हर मुश्किल दूर तक सोच पाते हैं।।
रचयिता
सुधांशु श्रीवास्तव,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय मणिपुर,
विकास खण्ड-ऐरायां,
जनपद-फ़तेहपुर।
हर काम हो जाता पल में दिन हो या रात।।
दूरसंचार ने आज शिक्षा की अलख जगाई है।
संकटकाल में भी शिक्षण में रोचकता छाई है।।
इंटरनेट पर देखो हर चीज़ तुरन्त मिल जाती है।
घर बैठे ही अब हमें देखो नौकरियाँ दिलाती है।।
आईसीटी का प्रयोग कर दीक्षा, प्रेरणा एप्स बने।
सतत शिक्षा के क्षेत्र में एक नया सहयोग जगे।।
पल में ही देखो विदेश की जानकारी मिल जाती।
हमारे नए काम में उम्मीद की कली खिल जाती।।
टेलीविजन से हम शिक्षाप्रद मनोरंजन पाते हैं।
पार करते हैं हर मुश्किल दूर तक सोच पाते हैं।।
रचयिता
सुधांशु श्रीवास्तव,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय मणिपुर,
विकास खण्ड-ऐरायां,
जनपद-फ़तेहपुर।

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