प्राथमिक शिक्षा में दूरसंचार की भूमिका
दूरसंचार वह व्यवस्था है जिसके माध्यम से हम एक स्थान पर बैठकर काफी दूरी तक सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकते हैं। इसके माध्यम से हम ऑडियो, वीडियो और विभिन्न डेटा को ट्रांसमिट कर सकते हैं और दूसरी जगह की जानकारी को रिसीव कर सकते हैं।
दूरसंचार की दुनिया में सबसे पहली क्रांति अलेक्जेंडर ग्राहम बेल के द्वारा टेलीफोन के अविष्कार से आई थी। इंटरनेट, स्मार्ट क्लास, उपग्रह और अन्य माध्यमों द्वारा शिक्षा व्यवस्था सुविधाजनक बन गई है जिसका असर अब प्राथमिक शिक्षा में भी देखने को मिल रहा है।
आजकल प्राथमिक विद्यालयों में इंटरनेट, मोबाइल/कम्प्यूटर आधारित शिक्षण तकनीक का उपयोग कर इस संकट काल में घर पर बैठकर शिक्षकों द्वारा पठन-पाठन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है।
वर्तमान समय में दूरसंचार के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य के साथ-साथ ऑनलाइन प्रवेश, विभागीय सूचनाओं का आदान-प्रदान तथा सरकार द्वारा शिक्षकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण भी सफलतापूर्वक संचालित किये जा रहे हैं।
प्राथमिक शिक्षा में उपयोग होने वाले प्रमुख दूरसंचार के साधन:- दूरसंचार का क्षेत्र बहुत विस्तृत है परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण के उद्देश्य से निम्नलिखित साधनों का उपयोग किया जा रहा है....
1.मोबाइल इंटरनेट:- परिषदीय विद्यालयों में मोबाइल शिक्षण व्यवस्था का मुख्य दूरसंचार साधन है। इसके द्वारा वाट्सएप, यूट्यूब, ईमेल, दीक्षा ऐप, ई-पाठशाला एवं अन्य विभिन्न शैक्षिक ऐप और गूगल का उपयोग कर शिक्षण कार्य को सशक्त बनाया जा रहा है।
2.रेडियो:- परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा में रेडियो का भी महत्वपूर्ण स्थान है। रेडियो के माध्यम से आओ अंग्रेजी सीखें, जन पहल रेडियो कार्यक्रम इत्यादि शिक्षाप्रद कार्यक्रम प्रसारित किये जाते हैं जो बच्चों के शैक्षिक उन्नयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
3.टेलीविजन:- टेलीविजन भी प्राथमिक शिक्षा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। टेलीविजन के दूरदर्शन चैनल पर मिशन प्रेरणा के ई-पाठशाला के तहत कार्यक्रम का प्रसारण सुबह 11:30 बजे से रहा हैं तथा अन्य विभिन्न चैनलों पर एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के आधार पर शैक्षिक कार्यक्रम प्रायः प्रसारित किये जा रहे हैं। टेलीविजन पर ऑडियो-वीडियो दोनों होने की वजह से इसका प्रभाव बच्चों पर अधिक पड़ता है और बच्चे सीखने में रुचि अधिक लेते हैं।
लेखक
नवनीत शुक्ल,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय भैरवां द्वितीय,
शिक्षा क्षेत्र-हसवा,
जनपद-फतेहपुर।

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