भारत की फसलें

कक्षा-----5
विषय----परिवेश।

आओ बच्चों करो आज अब,
फसलों की पहचान सब,
हरित क्रांति बनी हुई है,
भारत की पहचान अब।

फसलों का इक चक्र बना हुआ,
जुड़ा हुआ है क्रम से,
पहले ज़ायद फिर खरीफ तब,
नम्बर आया रबी से।

तीनों फसलों से वर्ष का,
पूर्ण हुआ है हर महीना,
चाहे ज़ायद खरीफ या रबी हो,
हैं देश की ये फसलें नगीना।

ज़ायद फसल की शुरू करें बुआई,
गर्मी मई--जून की छाई,
तरबूज़, उडद, खीरा, ककडी व राई,
जुलाई अगस्त में करें कटाई।

अब बारी है, फसल खरीफ की,
जून -जुलाई उम्र है आयी बुआई की,
अरहर मक्का, धान, बाजरा औऱ गन्ना,
नवंबर-दिसम्बर में कटकर उगले सोना।

अंतिम चक्र है रबी की फसल,
अक्टूबर-नवंबर में खेत में जब चले हल,
आलू, चना, सरसों गेहूँ औऱ मटर,
मार्च- अप्रैल में कटकर घर को देते भर।

पूरा हुआ एक पाठ कविता के रूप से,
याद करो इसे ध्यान लगाकर शुरू से,
जब भी भूलो कोई फसल इस पाठ से,
पढ़ लेना इस कविता को बड़े ठाठ से।

रचयिता 
तेजेंदर कौर,
सहायक अध्यापिका,
अंग्रेजी माध्यम मॉडल प्राथमिक विद्यालय बिहारीगढ़,
विकास क्षेत्र-मुज़फ़्फ़राबाद,
जनपद-सहारनपुर।

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