विश्व दूरसंचार दिवस
आओ बच्चों तुम्हें सुनाएँ आज कहानी दूर संचार की,
बतलाऊँ इसकी परिभाषा, करवाऊँ इनके महत्व का ज्ञान भी।
17 मई सन् 1969 में स्थापित हुई दूर संचार यूनियन,
इसीलिए सारा देश मनाए ये विशेष दिवस हर्षोल्लास से इस दिन।
जो संसाधन दुनिया के एक कोने से दूजे कोने तक,
समाचार संवाद सूचना पहुँचाए बिन तार के हम तक।
दूर होकर भी जो संसाधन रिश्तों में लाते अपनापन,
ऐसे संसाधन कहलाते हैं दूर संचार के साधन।
टेलीविल, मोबाइल फोन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग,
इसके अतिरिक्त साधन हैं ईमेल इंटरनेट और कंप्यूटर भी।
संचार साधनों ने कर डाले सारे मुश्किल काम सुगम,
आओ हम सब मिलकर जानें क्या-क्या कर सकते हैं इनसे हम।
टेलीविज़न है मनोरंजन का सबसे बड़ा और सबसे अच्छा साधन,
परिवार के सभी सदस्यों के लिए है ये सबसे सस्ता और सुगम।
दादा-दादी प्रतिदिन लेते आनंद रामायण, महाभारत का,
बच्चे देखें टॉम एंड जेरी, मम्मी पापा मज़े लें फिल्मों का।
ग्राहम बेल ने करके टेलीफोन का आविष्कार, किया हम पर बड़ा उपकार,
दुनिया में बैठे दूर व्यक्ति से कर सकते हैं बातें चाहे जब जितनी बार।
बच्चे बूढ़े और जवान हो गए हैं दीवाने मोबाइल के*
दुनिया लेकर हाथ में घूमें, क्या कहने हैं मोबाइल के,
वीडियो कॉन्फ्रंसिंग ने पूरी कर दी बची खुची सब कमियाँ,
दूर देश में बैठे अभ्यर्थियों से इंटरव्यू साक्षात ले रही कंपनियाँ।
अमेरिका में अय्यादुरई भारतीय ने किया था आविष्कार इमेल का,
चिट्ठी पत्री की नहीं जरूरत अब, इमेल से हम ले सकते हैं हालचाल अपनों का।
इंटरनेट के बिन पिछड़े हैं सारे व्यक्ति समाज और देश,
इसके जरिए ले सकते हम जानकारी कोई भी और भेज सकते हैं संदेश।
चार्ल्स बैवेज ने करके कंप्यूटर का आविष्कार,
किया था दुनिया पर एक बड़ा उपकार,
घर से लेकर ऑफिस तक ये निभाए हर पल हमारा साथ,
दुनिया भर के रिकॉर्ड और फाइलें सुरक्षित रखे अपने पास
निकाल दिया इनको जो जीवन से अपने,
आदिकाल के होंगे दर्शन, न पूरे होंगे सपने अपने।
रचनाकार
सपना,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय उजीतीपुर,
विकास खण्ड-भाग्यनगर,
जनपद-औरैया।
बतलाऊँ इसकी परिभाषा, करवाऊँ इनके महत्व का ज्ञान भी।
17 मई सन् 1969 में स्थापित हुई दूर संचार यूनियन,
इसीलिए सारा देश मनाए ये विशेष दिवस हर्षोल्लास से इस दिन।
जो संसाधन दुनिया के एक कोने से दूजे कोने तक,
समाचार संवाद सूचना पहुँचाए बिन तार के हम तक।
दूर होकर भी जो संसाधन रिश्तों में लाते अपनापन,
ऐसे संसाधन कहलाते हैं दूर संचार के साधन।
टेलीविल, मोबाइल फोन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग,
इसके अतिरिक्त साधन हैं ईमेल इंटरनेट और कंप्यूटर भी।
संचार साधनों ने कर डाले सारे मुश्किल काम सुगम,
आओ हम सब मिलकर जानें क्या-क्या कर सकते हैं इनसे हम।
टेलीविज़न है मनोरंजन का सबसे बड़ा और सबसे अच्छा साधन,
परिवार के सभी सदस्यों के लिए है ये सबसे सस्ता और सुगम।
दादा-दादी प्रतिदिन लेते आनंद रामायण, महाभारत का,
बच्चे देखें टॉम एंड जेरी, मम्मी पापा मज़े लें फिल्मों का।
ग्राहम बेल ने करके टेलीफोन का आविष्कार, किया हम पर बड़ा उपकार,
दुनिया में बैठे दूर व्यक्ति से कर सकते हैं बातें चाहे जब जितनी बार।
बच्चे बूढ़े और जवान हो गए हैं दीवाने मोबाइल के*
दुनिया लेकर हाथ में घूमें, क्या कहने हैं मोबाइल के,
वीडियो कॉन्फ्रंसिंग ने पूरी कर दी बची खुची सब कमियाँ,
दूर देश में बैठे अभ्यर्थियों से इंटरव्यू साक्षात ले रही कंपनियाँ।
अमेरिका में अय्यादुरई भारतीय ने किया था आविष्कार इमेल का,
चिट्ठी पत्री की नहीं जरूरत अब, इमेल से हम ले सकते हैं हालचाल अपनों का।
इंटरनेट के बिन पिछड़े हैं सारे व्यक्ति समाज और देश,
इसके जरिए ले सकते हम जानकारी कोई भी और भेज सकते हैं संदेश।
चार्ल्स बैवेज ने करके कंप्यूटर का आविष्कार,
किया था दुनिया पर एक बड़ा उपकार,
घर से लेकर ऑफिस तक ये निभाए हर पल हमारा साथ,
दुनिया भर के रिकॉर्ड और फाइलें सुरक्षित रखे अपने पास
निकाल दिया इनको जो जीवन से अपने,
आदिकाल के होंगे दर्शन, न पूरे होंगे सपने अपने।
रचनाकार
सपना,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय उजीतीपुर,
विकास खण्ड-भाग्यनगर,
जनपद-औरैया।

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