विश्व दूरसंचार दिवस

बहुत दिनों से बात हुई न
नानी से मुलाक़ात हुई न
आज चिठ्ठी उनको लिखूँगा
मन की सारी बातें करूँगा
पूछुंगा उनका सब हाल
कैसी तबियत क्या है हाल।।

चिठ्ठी तो पर देर लगाए
कब पहुँचेकब संदेशा पहुँचाए
मेरी मदद अब करेगा कौन
 क्यों न कर लूँ झट टेलिफोन।।

कर लें अब थोड़ा देश का ध्यान
कैसे चलता ये देश महान
दुनिया में क्या प्रगति हुई और
कहाँ बढ़ा मेरे देश का मान
अखबार में पढ़ लूँ सारी बातें
देश, दुनिया, विदेश की बातें।।

पढ़-पढ़ कर अब हो गयी थकान
देखूँ टी वी कर लूँ आराम
ज्ञान को मेरे रोज़ बढ़ाये
ढेर सारे प्रोग्राम दिखाए
मनोरंजन के कार्यक्रम देखूँ
खबरें देखूँ खेल भी देखूँ
मौसम का ये हाल बताये
कैसे होती कृषि समझाए।।

रेडियो भी है घर-घर देखो
रेडियो सुनाता ये सारी बातें
टीवी पर हम देख भी पाते
अब कर लूँ मैं थोड़ी पढ़ाई
कम्प्यूटर की बारी आई।।
 
 कम्प्यूटर की तो अलग है शान
बच्चों को दे नित नया ज्ञान
स्कूल, कॉलेज या हो ऑफिस
कंप्यूटर आता हर समय काम
ढेर सारे काम है करता
दिमाग तेज इसका है चलता।।

मोबाइल है ये सबसे निराला
सबके मन को भाने वाला
दुनिया भर की सैर कराए
गूगल में हमको ले जाये
ज्ञान हमारा ये खूब बढ़ाये।।

चिठ्ठी, फ़ोन, रेडियो, मैगज़ीन
कंप्यूटर, अखबार और टीवी स्क्रीन
संचार के ये सब साधन कहलाते
देश दुनिया का हमें हाल बताते।।
ये है कहानी इन साधनों की
रखना सदा तुम इनको याद।।

रचयिता
डॉक्टर नीतू शुक्ला,
प्रधान शिक्षक,
मॉडल प्राइमरी स्कूल बेथर 1,
विकास खण्ड-सिकन्दर कर्ण,
जनपद-उन्नाव।

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