बेसिक वाले हैं

तर्ज़-हम काले हैं तो क्या हुआ दिल वाले हैं।

बेसिक की जान मिशन समूह
हम रिटायर हैं तो क्या हुआ, बेसिक वाले हैं।
हम मिशन समूह के चाहने वाले हैं।।
यह देखो सब कितने अच्छे हैं।
ऐसे ही इनके बच्चे हैं।
यह कर्मठ परिश्रमी गुरुजन हैं।
देते सबको शिक्षा हैं।।
हम ऐसे गुरुओं को शीश नवाते हैं।
हम रिटायर हुए तो क्या हुआ, बेसिक वाले हैं।।
प्रतिदिन नई नई खोज हैं।
बेसिक को चमकाती सोच है।।
बच्चों को मुस्कान देते हैं।
कर्त्तव्य पथ पर अग्रसर रहते हैं।।
हम ऐसे गुरुजनों को शीश नवाते हैं।।
हम रिटायर हुए तो क्या हुआ बेसिक वाले हैं।
हम मिशन समूह के चाहने वाले हैं।
सभी गुरुजनों को प्रणाम है।
सभी इसमें कर्म प्रधान हैं।।
खाली ना रहता हर कोई है।
बच्चों को पुकारे हर कोई है।।
हम ऐसे गुरुजनों को शीश नवाते हैं।
हम रिटायर हुए तो क्या हुआ बेसिक वाले हैं।
हम मिशन समूह के चाहने वाले हैं।।

रचयिता
सीमा अग्रवाल,
सेवानिवृत्त सहायक अध्यापिका,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय हाफ़िज़पुर उबारपुर,
विकास क्षेत्र - हापुड़,
जनपद - हापुड़।

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