स्कूल चलो

बच्चों को स्कूल तक लाने का
एक गीत के माध्यम से प्रयास

बेटा लल्ला दुलरुआ हमारे
चले आओ पढ़ने को।।  -2
पढ़ने को बेटा लिखने को हाँ
पढ़ने को बेटा लिखने को हाँ

भैय्या लल्ला दुलरुआ हमारे
चले आओ पढ़ने को।।  2
बाल सम्हार लेवो
बस्ता किताब लेवो
अपने दादा के छुई के पाँव
चले आओ पढ़ने को
बेटा लल्ला दुलरुआ हमारे
चले आओ पढ़ने को।।    2

बेटा को अपने एक
घड़ी हम मंगाई देबो
लीजो पैंट बुशर्ट टाई सम्हार
चले आओ पढ़ने को,
बेटा लल्ला दुलरुआ हमारे
चले आओ पढ़ने को।।    2

जो बेटा मोरे पढ़ि लिखि जइहौ
बनिहौ यस०पी०, डी०यम० थानेदार।
चले आओ पढ़ने को
बेटा लल्ला दुलरुआ हमारे
चले आओ पढ़ने को।।   2

चोरी जुआरी बेटा कुछ मत सीखेव,
तुम ज्ञानिन का करेव सत्कार
चले आओ पढ़ने को,
बेटा लल्ला दुलरुआ हमारे
चले आओ पढ़ने को।।  2

पढ़िये लिखि नेता अधिकारी बनि जइहौ,
कीन्हेव देशवा का अपने सुधार
चले आओ पढ़ने को,
बेटा लल्ला दुलरुआ हमारे
चले आओ पढ़ने को।।   2

सूर्य चन्द्रमा सम दुनिया में चमकेउ,
बेटा कीरत हुईहै तुम्हार
चले आओ पढ़ने को,
बेटा लल्ला दुलरुआ हमारे
चले आओ पढ़ने को।।   2

रचयिता
लाल बहादुर गौतम,
प्रधानाध्यापक,
राज्यस्तरीय उत्कृष्ट आदर्श प्राथमिक विद्यालय म्योनी,
विकास खण्ड-सुरसा, 
जनपद-हरदोई।

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