माँ
माँ......माँ......माँ
माँ ....ये क्या है?
सिर्फ सुंदर अभिव्यक्ति?
एक हरी भरी,
सुकून देने वाली हस्ती?
शायद नामुमकिन है,
करनी उसकी प्रस्तुति।
वह निर्मल, वत्सल,
पावन, अलौकिक सृष्टि।
अजर, अमर, अव्यक्त
है माँ,
जिसमें जाता सारा,
संसार समा।
रचनाकार
नीलम जायसवाल,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय कटयाँ,
विकास खण्ड-कौडीराम,
जनपद-गोरखपुर।
माँ ....ये क्या है?
सिर्फ सुंदर अभिव्यक्ति?
एक हरी भरी,
सुकून देने वाली हस्ती?
शायद नामुमकिन है,
करनी उसकी प्रस्तुति।
वह निर्मल, वत्सल,
पावन, अलौकिक सृष्टि।
अजर, अमर, अव्यक्त
है माँ,
जिसमें जाता सारा,
संसार समा।
रचनाकार
नीलम जायसवाल,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय कटयाँ,
विकास खण्ड-कौडीराम,
जनपद-गोरखपुर।

Very nyc❤️
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