बालिका शिक्षा
पढ़ी-लिखी लड़कियाँ
घर को करती हैं रोशन
उस रोशनी से
घर का कोना-कोना जगमगाए।
दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती
सभी देवियाँ है महिलाएँ।
इन देवियों के आगे
हर कोई अपना शीश झुकाए।
फिर कुछ लोग ऐसे हैं
इस दुनिया में
जो बालिका शिक्षा पर
अपनी आपत्ति जताए।
बालिकाओं ने समय-समय पर
देश का मान बढ़ाया।
जो काम ना कर सके पुरुष
उसे इन महिलाओं ने
कर दिखाया।
बालक बालिकाएँ एक समान।
तुम बालिकाओं का
ना करो अपमान।
बालिकाओं को दो समान
शिक्षा का हक
देंगी यह देश को
बदल कर रख।
सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक
सभी का उत्थान
बालिका शिक्षा से होगा
और महान।
रचयिता
संगीता गुप्ता,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय लक्षनपुर,
विकास खण्ड-उसका,
जनपद-सिद्धार्थनगर।
घर को करती हैं रोशन
उस रोशनी से
घर का कोना-कोना जगमगाए।
दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती
सभी देवियाँ है महिलाएँ।
इन देवियों के आगे
हर कोई अपना शीश झुकाए।
फिर कुछ लोग ऐसे हैं
इस दुनिया में
जो बालिका शिक्षा पर
अपनी आपत्ति जताए।
बालिकाओं ने समय-समय पर
देश का मान बढ़ाया।
जो काम ना कर सके पुरुष
उसे इन महिलाओं ने
कर दिखाया।
बालक बालिकाएँ एक समान।
तुम बालिकाओं का
ना करो अपमान।
बालिकाओं को दो समान
शिक्षा का हक
देंगी यह देश को
बदल कर रख।
सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक
सभी का उत्थान
बालिका शिक्षा से होगा
और महान।
रचयिता
संगीता गुप्ता,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय लक्षनपुर,
विकास खण्ड-उसका,
जनपद-सिद्धार्थनगर।

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